5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कमलनाथ के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर समर्थको ने मनाई खुशी, निकाली रैली, चलाई आतिशबाजी।

कमलनाथ के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर समर्थको ने मनाई खुशी, निकाली रैली, चलाई आतिशबाजी।

2 min read
Google source verification

अशोकनगर। नए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ सिंह के बनने के बाद प्रदेशभर में जश्न का माहौल है। कमलनाथ के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर समर्थको ने खुशी मनाई। समर्थकों ने तुलसी पाके से लेकर गांधी पार्क तक रैली निकाली। कांग्रेस मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 को ध्यान में रखते हुए भाजपा की तर्ज पर नई रणनीति तैयार की जा रही है।

उत्साह से भरी रैली
कांग्रेस समर्थकों द्वारा निकाले जाने वाली में शामिल लोग बहुत ही उत्साह पूर्ण नजर आ रहे थे। अपने उत्साह को बयां करते हुए उन्होंने आतिशबाजी की और नारे लगाएं। बताया जा रहा है कि इस बार कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव 2018 को जीतने की पूरी तैयारी कर ली है। क्योंकि इसके पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अरूण यादव थे।

राहुल गांधी के सेनापति है कमलनाथ
कमलनाथ कभी संजय गांधी के सारथी हुआ करते थे। अब मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में राहुल गांधी के सेनापति बन गए हैं। वे २२ साल की उम्र में कांग्रेस में शामिल हुए थे।

कमलनाथ सिंह ने कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनते ही कहा कि मैं इस पार्टी के लिए पार्टी के लिए सर्वश्रेष्ठ काम करूंगा। साथ ही भाजपा को हराने के लिए जो संभव प्रयास हो सकेंगे वह करूंगा।

सीएम के चेहरे की तलाश
कांग्रेस द्वारा अभी तक सीएम पद के उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने नहीं बताया कि सीएम पद का उम्मीदवार कौन होगा। अभी तक कमलनाथ, बाला बच्चन और ज्योतिरादित्या सिंधिया के नामों पर विचार चल रहा है। इसके अलावा भी सीएम पद के लिए कोई अन्य उम्मीदवार सामने आ सकता है। इसकी घोषणा पार्टी द्वारा बाद में की जाएंगी।


चुनाव में रह गया 6 माह का समय
विधानसभा चुनाव में मात्र 6 माह का समय रह गया है। कांग्रेस के लिए इस चुनाव में सबसे बड़ी चुनौती है, घर घर जाकर पैठ बनाना। क्योंकि भाजपा ने अपने कार्यकाल में घर घर अपनी पैठ बनाई है। आम लोगों से एक रिश्ता जोड़ा है। घर घर जाकर वादे किए, आम लोगों से हाथ मिलाया। भाजपा का आम लोगों से रिश्ता 15 साल पुराना है। जिसे तोड़ना कांग्रेस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं।