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करीला मेला: लव-कुश के जन्म का उत्सव मनाने उमड़ी आस्था

मां जानकी के दर्शन करने पहुंचे 20 लाख श्रद्धालु, सजा सबसे बड़ा व अनोखा रंगमंच।

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लव-कुश के जन्म का उत्सव मनाने उमड़ी आस्था

लव-कुश के जन्म का उत्सव मनाने उमड़ी आस्था




अशोकनगर. रंगपंचमी पर करीलाधाम में लगने वाले प्रदेश के सबसे बड़े मेले में मंगलवार को आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जनसैलाब भी ऐंसा की करीला पहंचने सोमवार रात से ओवरलोड़ वाहनों की कतार लग गई, हालांकि सुबह के समय कमी आई लेकिन दोपहर एक बजे के बाद फिर शुरु हुई वाहनों की कतार मंगलवार-बुधवार को आधी रात तक जारी रही। वहीं पहुंच मार्गों पर तीन से चार किमी दूर तक पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा होने से हजारों श्रद्धालुओं को पहाडिय़ों के ऊपर से निकलकर करीला पहुंचना पड़ा। ट्रस्ट के मुताबिक मंगलवार रात 9 बजे तक करीब 20 लाख श्रद्धालु करीला पहुंचे।
मां जानकी के दरबार में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने लव-कुश के जन्म का उत्सव मनाया। तो वहीं साल में एक बार सिर्फ रंगपंचमी पर खुलने वाली महर्षि बाल्मीकि गुफा के दर्शन किए। जहां मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया गया था तो वहीं मेले की तैयारियां भी अच्छी की गई थीं। मंगलवार को शाम होते ही पूरी पहाड़ी, मेला क्षेत्र व पहुंच मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ ही भीड़ नजर आई। इससे पूरी पहाड़ी, पहुंच मार्ग व मेला क्षेत्र में सिर्फ लोगों के सिर ही सिर नजर आए। ट्रस्ट अध्यक्ष महेंद्रसिंह यादव ने बताया कि रात में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाएगी।
बधाई: करीब 10 हजार राई नृत्य हुए-
मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालुओं द्वारा करीला में बधाई स्वरूप बुंदेलखंड का प्रसिद्ध राई नृत्य कराने की परंपरा है। करीला में श्रद्धालुओं ने करीब 10 हजार राई कराईं, इससे करीला में दुनिया का अनोखा रंगमंच सजा। जहां खुले आसमान के नीचे खेतों में रातभर राई नृत्य हुए और राई नृत्यों की वजह से पूरा करीला मेला रातभर नगडिय़ों की थाप और घुंघरुओं की आवाज से गूंजता रहा।
ओवरलोड होकर चले वाहन, लगते रहे जाम-
करीला पहुंचने के लिए वाहन ओवरलोड होकर चले, इस बार सबसे ज्यादा श्रद्धालु लोडिंग वाहनों व जीपों से पहुंचे। साथ ही ऑटो में भी लोग लटककर यात्रा करते दिखे तो बसों की छतों पर बैठकर जाते दिखे। शाम के समय मुंगावली, बहादुरपुर , बंगलाचौराहा, इकोदिया और बामोरीशाला के पास वाहनों का जाम लग गया। इससे धीमी गति से वाहन निकल सके।
मेले की झलकियां-
- सुबह ललितपुर गांव के ग्रामीणों ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की और झंड़ा चढ़ाया, साथ ही मां जानकी के दरबार में राई नृत्य कराया।
- एक श्रद्धालु को हार्ट अटैक आने से अस्थाई अस्पताल में रखा और इसके बाद जिला अस्पताल रैफर किया। तीन मरीज रैफर किए गए।
- मेले में दोपहर तक मोबाइल चोरी की करीब २० से अधिक घटनाएं हुईं, पुलिस ने पांच चोरों को पकड़ा और अस्थाई जेल में बंद कर दिया।
- जूता-चप्पल प्रतिबंधित होने से रैलिंगों के पास जूता-चप्पलों का ढ़ेर लग गया और परिक्रमा मार्ग से लौटकर लोग जूता-चप्पल ढूंढते दिखे।
- पेजयल की टोंटियां लगाई गई थीं, जिनसे आसानी से पानी मिला। हालांकि टैंकरों के पीछे भी लोग केन लेकर पानी भरने दौड़ते दिखे।
- संभागायुक्त व आईजी भी करीला पहुंचे और व्यवस्थाओं देखीं, इस दौरान कलेक्टर आर उमा महेश्वरी व एसपी रघुवंशसिंह भदौरिया साथ रहे।
- नीचे राई नृत्य देख संभागायुक्त ने चबूतरों पर नृत्य कराने के निर्देश दिए, लेकिन उनके जाते ही फिर से नीचे राई नृत्य होने लगे।
मेले पर एक नजर-
- 20 लाख से अधिक श्रद्धालु करीला पहुंचे।
- 1300 पुलिस जवान सुरक्षा में तैनात रहे।
- 1000 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई।
- 50 हजार वाहनों से श्रद्धालु करीला पहुंचे।
- 10 हजार राई नृत्य रंगपंचमी पर हुए।
- 100 सीसीटीवी से मेले पर नजर रखी गई।