कस्बारेंज और मीरकाबाद पंचायत भी मुंगावली शहर में शामिल
अशोकनगर। कस्बारेंज और मीरकाबाद पंचायत भी अब मुंगावली शहर कहलाएंगे। शहर की सीमाओं को बढ़ाकर शासन ने इन दोनों पंचायतों सहित ढि़चरी पंचायत के दो गांवों को मुंगावली नगर परिषद क्षेत्र घोषित कर दिया है।
इससे सबसे ज्यादा लाभ मुंगावली शहर से तीनों ओर से सटी कस्बारेंज पंचायत को होगा, वहीं बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे पालीवाल कॉलोनी के रहवासियों की समस्या खत्म हो जाएगी। नगर परिषद की सीमा वृद्धि कर शासन ने 16 मार्च को गजट में इसका प्रकाशन कर दिया है।
मुंगावली शहर की सीमा में आ गए ये क्षेत्र
सीमा वृद्धि से कस्बारेंज पंचायत का पूरा क्षेत्र, मीरकाबाद पंचायत का इंद्रानगर गांव को छोडक़र पूरा क्षेत्र और ढि़चरी पंचायत के कस्बाकाछी और घनश्यामपुर गांव को मुंगावली नगर परिषद का क्षेत्र घोषित कर दिया है। इससे फिल्टर प्लांट, गोशाला, केंद्रीय विद्यालय, नवीन कृषि मंडी, कॉलेज, खुली जेल, पुरानी जेल भी मुंगावली शहर की सीमा में आ गए हैं। नगर परिषद का क्षेत्र चंदेरी रोड पर रेलवे फाटक तक, मल्हारगढ़ रोड पर गोशाला, और बहादुरपुर रोड पर स्वागत गेट तथा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे माल गोदाम तक हो गई है।
कार्यकाल पूरा होने तक चलेंगी पंचायतें
कलेक्टर बीएस जामोद के मुताबिक तीनों ग्राम पंचायतों का क्षेत्र नगर परिषद में शामिल हो जाने से यह पंचायतें अपना कार्यकाल खत्म होने तक चलेंगी। इसके बाद कस्बारेंज व मीरकाबाद पंचायत शहर का हिस्सा हो जाएंगी, वहीं ढि़चरी के दोनों गांव भी पंचायत से हट जाएंगे।
समस्या को देख की सीमावृद्धि
पालीवाल कॉलोनी के रहवासियों की समस्या को देखते हुए नगर परिषद की सीमावृद्धि की यह प्रक्रिया तत्कालीन सीएमओ संजय श्रीवास्तव ने शुरू की थी, क्योंकि पालीवाल कॉलोनी के रहवासी मतदाता तो नगर परिषद के हैं, लेकिन उनकी कॉलोनी ग्राम पंचायत में आती थी। इससे कॉलोनी में कोई काम नहीं हो पाता था। तीन पंचायतों के क्षेत्र शामिल होने से शहर का रकबा 125 हेक्टेयर से बढक़र 1368 हेक्टेयर हो गया है।