
Ashoknagar Out of the open sacks, the wheat stained like this
अशोकनगर. जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में शनिवार दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश हुई और ओले भी गिरे। बारिश और ओलों से खरीदी केन्द्रों पर रखा गेहूं पूरी तरह भीग गया। गेहूं की बोरियों के ऊपर पानी भर गया और नीचे से जमीन भी गीली हो गई। इससे गेहूं के खराब होने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि जिले में ४१ केन्द्रों पर समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की जा रही है। अधिकांश केन्द्रों पर गेहूं का उठाव न होने से खुले में ही गेहूं पड़ा हुआ है। शनिवार को अचानक बारिश और ओलों से खुले में पड़े गेहूं के खराब होने की आशंका है। गेहूं की बोरियां भी खुली पड़ी थीं। इनमें बारिश का पानी भर गया।
कई जगह बोरियां गिरने से गेहूं फैल गया। पत्रिका टीम ने सेवा सहकारी संस्था अशोकनगर, विपणन संघ अशोकनगर और सेवा सहकारी संस्था तूमैन के खरीदी केन्द्र का जायजा लिया तो हालात गंभीर नजर आए। तूमैन खरीदी केन्द्र पर करीब ३५०० बोरी गेहंू खुले में पड़ा था। आनन-फानन में तिरपाल डालकर गेहूं का बचाने का प्रयास किया गया।तेज हवा के कारण तिरपाल को बल्लियों, टेबलों आदि से दबाया गया। तिरपाल पर भी पानी भर गया।हालांकि कम गेहूं होने से कुछ हद तक गेहूं को बचाने में कामयाबी मिली। वहीं दूसरी अशोकनगर के दोनों केन्द्रों पर करीब १० हजार बोरी गेहंू खुले में पड़ा था।यहां भी गेहूं को तिरपाल से ढ़कने की कोशिश की गई। लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
हवा से तिरपाल बार-बार उड़ रहा था और पूरी बोरियां भी नहीं ढ़क पा रही थीं। यहां पूरा गेहूं बारिश में भीग गया।आधा घंटे से अधिक बारिश होने से अंदर तक पानी बैठ गया। मुंगावली के आसपास के खरीदी केन्द्रों पर भी यही हालात नजर आए। यहां भी गेहूं का उठाव न होने से गेहूं भींग गया है। अधिकांश खरीदी केन्द्रों पर बारिश से गेहूं को बचाने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे।
२५ मिनट तक गिरे चने के आकार के ओले
शनिवार को सुबह से ही मौसम बदला हुआ था। बार-बार आसमान पर बादल छा रहे थे और तेज हवाएं चल रही थीं। शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात भी आंधी चली थी। इसके बाद दोपहर ३.३० बजे के बाद से काली घटाओं ने पूरे आसमान को घेर लिया। ४.०० बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ और ४.१३ बजे से ओले गिरने लगे। चने के आकार के ओले करीब २५ मिनट तक गिरे। ३० मिनट तक झमाझम बारिश के बाद करीब १५ मिनट रिमझिम बारिश होती रही। इन्ससे नालियों में भरा कचरा व कीचड़ सड़कों पर फैल गया और लोगों को निकलने में परेशानी उठानी पड़ी।
लाइट गुल हुई, पेड़ व टेंट गिरे
तेज हवाओं चलने से विद्युत वितरण कंपनी द्वारा लाइट भी बंद कर दी गई। बारिश रुकने के आधा घंटे बाद लाइट चालू हुई। वहीं आंधी के कारण कई जगहों पर पेड़ गिरने की खबरें भी आई। आरोन रोड पर एक पेड़ गिरकर बिजली के तारों पर टिक गया। इसके अलावा पंजाबी कॉलोनी में पंजाबी समाज के कार्यक्रम के लिए लगाया गया टेंट भी हवा से उड़ गया और गेहूं खरीदी केन्द्रों के टेंट भी उड़कर जमींदोज हो गए।
Published on:
08 Apr 2018 12:44 pm
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