17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजघाट बांध: राजघाट के 14 गेट खुले तो डूबा अंतर्राज्यीय पुल,15 घंटे तक बंद रहा उप्र-मप्र मार्ग

- मुंगावली में करीब चार इंच बारिश तो उफान पर आई बेतवा, खतरे के निशान पर पहुंची।- 10 घंटे तक गेटों से बाहर छोड़ा 46.29 लाख लीटर प्रति सेकेंड पानी, पुल से 8 फिट ऊपर बहता रहा पानी।

2 min read
Google source verification
Rajghat Dam

Rajghat Dam



अशोकनगर. जहां बेतवा नदी में पहले से ही तेज बहाव था, ऐसे में मुंगावली में हुई करीब चार इंच बारिश से कैंथन नदी के उफान पर आने से बेतवा भी तेज उफान पर आ गई। इससे राजघाट बांध के 14 गेट खोल दिए गए और 10 घंटे तक प्रति सेकेंड 46.29 लाख लीटर पानी बाहर छोड़ा गया। इससे उप्र-मप्र के बीच अंतर्राज्यीय पुल डूब गया और पुल से 8 फिट ऊपर पानी बहने लगा।
सोमवार रात करीब 8 बजे बहाव बढऩे से बांध के 8 गेट खोलकर 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। राजघाट बांध परियोजना के अधिकारियों के मुताबिक नदी में उफान तेज हुआ तो रात को एक बजे संख्या बढ़ाकर 14 गेट खोलकर 1.63 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इनफ्लो घटा तो मंगलवार सुबह 11 बजे 7 गेट बंद कर दिए गए और शेष सात गेटों से पानी निकासी की मात्रा घटाकर 55 हजार 769 क्यूसेक कर दिया गया। इससे शाम तक राजघाट बांध के गेटों से प्रति सेकेंड 15.79 लाख लीटर पानी छोड़ा जा रहा था।
15 घंटे तक बंद रहा उप्र-मप्र के बीच आवागमन-
जहां रात को 8 बजे आठ गेट खुलते ही पानी उप्र-मप्र के बीच बने अंतर्राज्यीय पुल के ऊपरी हिस्से से सटकर बहने लगा था। इससे प्रशासन ने पुल से आवाजाही पर रोक लगा दी थी, लेकिन रात एक बजे से सुबह 11 बजे तक पुल डूबा रहा। इससे दोनों प्रदेशों के बीच सड़क मार्ग से आवाजाही बंद रही और अंतर्राज्यीय पुल के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी रही। बाद में सुबह 11 बजे जब गेटों से पानी निकासी की मात्रा घटी तो रास्ता साफ हुआ और इसके बाद ही दोनों प्रदेशों के बीच वाहनों की आवाजाही शुरु हो सकी। राजघाट बांध परियोजना के अधिकारियों के मुताबिक बांध से एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ते ही पुल डूब जाता है।
स्थिति: फिर भी 23.65 फीसदी खाली है बांध-
77.66 टीएमसी (थाउजेंड मिलियन क्यूबिक मीटर) क्षमता के राजघाट बांध में अभी 59.30 टीएमसी पानी है और अभी करीब 23.65 फीसदी बांध खाली है। इसका कारण यह है कि बेतवा रिवर बोर्ड के नियम अनुसार 31 जुलाई तक बांध का जलस्तर 368 मीटर रखना पड़ता है, जबकि बांध का कुल भराव लेवल 371 मीटर है। इससे 31 जुलाई से पहले 368 मीटर लेवल होने के बाद शेष पानी बाहर छोड़ा जाता है, ताकि बेतवा नदी पर उप्र में बने बांधों में भी पानी पहुंच सके।
जिले में बारिश पर एक नजर-
विकासखंड 24 घंटे में अब तक पिछले वर्ष अंतर
अशोकनगर 14 413 243 170
चंदेरी 12 421 280 141
ईसागढ़ 13 430 221 209
मुंगावली 96 466 400 66
औसत जिला 33.7 432.5 286 146.5
(बारिश मिमी में।)