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जिम्मेदार सड़क के गड्ढे भरने पर नहीं दे रहे ध्यान, जानिए क्यों….

जर्जर हाइवे: निर्माण का टेंडर तो हुआ लेकिन एग्रीमेंट की देरी, क्षतिग्रस्त सड़क बन रही परेशानी
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अशोकनगर

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Manoj Vishwkarma

•

Updated: 4 Dec 2022, 11:54 PM IST

जिम्मेदार सड़क के गड्ढे भरने पर नहीं दे रहे ध्यान, जानिए क्यों....

जिम्मेदार सड़क के गड्ढे भरने पर नहीं दे रहे ध्यान, जानिए क्यों....

अशोकनगर. जर्जर होकर गड्ढ़ों में तब्दील हो चुका नेशनल हाइवे अब वाहन चालकों की परेशानी बन गया है। 81.3 किमी लंबे इस नेशनल हाइवे का 262 करोड़ रुपए से निर्माण होना है, इसके लिए टेंडर भी हो चुका है। इसलिए नेशनल हाइवे अथॉरिटी इस सड़क के गड्ढे भरवाने पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, नतीजतन रोज हादसे हा रहे हैं।

मामला नेशनल हाइवे क्रमांक 346ए का है। इस सड़क का ज्यादातर हिस्सा गड्ढ़ों में तब्दील है, जिसमें गदूली से लेकर मुंगावली तक करीब 6 किमी हिस्से की सबसे ज्यादा हालत खराब है। इस हिस्से में सड़क में बड़े-बड़े गड्ढ़े हो चुके हैं और ज्यादातर जगहों पर तो गड्ढ़ों की वजह से डामरीकरण ही गायब सा हो गया है। जिले की सबसे व्यस्त सड़क होने से दिन व रात के समय हजारों वाहन निकलते हैं, लेकिन हाइवे पर इन गड्ढ़ों की वजह से वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं और इससे कई हादसे भी हो चुके हैं। इससे लोग महीनों से नेशनल हाइवे पर गड्ढ़ों की समस्या से जूझ रहे हैं, फिर भी जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

गड्ढों में भरी गिट्टी तो फिसल रहे वाहन

नेशनल हाइवे के गड्ढ़े भरने के नाम पर सिर्फ कुछ गड्ढ़ों में डामर मिक्स गिट्टी भर दी जाती है, इससे गिट्टी उखड़कर सड़क पर फैल जाती है और बाद में कई दिनों तक सड़क पर फैली यह गिट्टी वाहनों के फिसलने का कारण बनती है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि नेशनल हाइवे के अधिकारी इस सड़क पर सिर्फ कुछ चिन्हित गड्ढ़ों को ही भरवाते हैं और शेष गड्ढ़ों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। खास बात यह है कि केंद्र सरकार ने डेढ़ साल पहले इस सड़क के मजबूतीकरण के लिए 18 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे, लेकिन उस राशि में भी सही तरीके से गड्ढ़े नहीं भरे जा सके।

7 वायपास के साथ होना है हाइवे का निर्माण

नेशनल हाइवे के इंजीनियर के मुताबिक 262 करोड़ रुपए से चंदेरी से मेहलुआ चौराहा तक नेशनल हाइवे के इस हिस्से का निर्माण होना है, जिसमें सात जगहों पर वायपास निर्माण होना है। इसके अलावा दो बड़े ब्रिज और पत्थर की बनी करीब 100 से अधिक पुलियों पर नवीन पुलियों का भी निर्माण होना है। साथ ही 18.40 किमी लंबे सात वायपास बनेंगे। सड़क निर्माण का टेंडर भी हो चुका है और गाजियाबाद की कंपनी को सड़क निर्माण का टेंडर मिला है।

इनका कहना है

नेशनल हाइवे के निर्माण का टेंडर हो चुका है, एग्रीमेंट होते ही वर्क ऑर्डर हो जाएगा। हमने कई गड्ढ़े कुछ दिन पहले ही भरवाए हैं और यदि कुछ शेष रह गए या फिर से गड्ढ़े हो गए हैं तो दोबारा भरवाए जाएंगे।

केएल जडिय़ा, उपयंत्री हाइवे