
अशोकनगर. जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी कर स्कूलों का समय बदल दिया है, यहां तक की स्कूलों को आदेश दे दिए गए हैं कि वे किसी भी हालत में दोपहर 12 बजे तक स्कूलों की छुट्टी कर दें, इस आदेश से बच्चों की मौज हो गई है, क्योंकि अब उन्हें दिनभर मौज मस्ती का समय मिलने लगा है, आईये जानते हैं ये समय किसलिए बदला गया है।
दरअसल मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले में पंडित प्रदीप मिश्रा के मुखारबिंद से सात दिवसीय संगीतमय श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन चल रहा है, ये कथा प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक नई कृषि उपज मंडी परिसर में चल रही है, इस कथा का समापन 25 सितंबर को होगा, इसलिए इस क्षेत्र के आसपास स्थित स्कूलों का समय बदल दिया गया है, जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, कि बच्चों को दोपहर 12 बजे तक छोड़ दिए जाए।
शिक्षा विभाग का तर्क है कि इलाके में भारी भीड़ की संभावना है। भीड़ के कारण स्टूडेंट्स को कोई परेशानी नहीं हो इसलिए दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य छुट्टी कर दें। यह आदेश तारा सदन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेंट थॉमस स्कूल, शिवपुरी पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल, संस्कृति एन इंग्लिश मीडियम स्कूल, मुस्कान पब्लिक स्कूल, सिटी पब्लिक स्कूल शंकरपुर मगरदा, सरस्वती विद्या मंदिर उ.मा.वि. पठार, वंदना पब्लिक स्कूल आरोन रोड, मिलन पब्लिक उ.मा.वि. अशोकनगर और महात्मा ज्योतिबा फुले स्कूल के लिए जारी किया गया है।
नवीन कृषि मंडी प्रांगण में पं. प्रदीप मिश्रा ने शिवपुराण कथा के दौरान कहा पढ़ते समय चश्मा याद आता है, खाते समय बत्तीसी याद आती है और मरते समय महादेव याद आते हैंं। शंकर का नाम मरते समय, शरीर के चलते समय जपते रहोगे तो अंतिम समय संभल जाएगा।
उन्होंने कहा कि संसार के दो प्रमाण पत्र मनुष्य कभी नहीं ले पाता, एक जन्म प्रमाण पत्र और दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र। जन्म प्रमाण पत्र भी कोई दूसरा लेता है और मृत्यु प्रमाण पत्र भी दूसरा लेता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य की पूरी ङ्क्षजदगी बंधन में निकल जाती है। जन्म का माता के गर्भ में बंधन था, वहीं मरते समय मृत्यु का बंधन था। उन्होंने कहा कि एक लोटा जल सारी समस्या का हल है। उन्होंने मंच से सांसद केपी यादव की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पहली कथा राजनीतिक है जिसकी राजनीति मंच पर नजर नहीं आ रही। इसलिए पत्र लिखकर लोगों ने काफी धन्यवाद दिया है। पं. प्रदीप मिश्रा ने कहा कि फोटो में तुम नहीं दिखते तो तुम्हें कितना बुरा लगता है, इसी प्रकार महादेव के मंदिर में तुम नहीं दिखते तो महादेव को बुरा लगता है। महादेव मंदिर में प्रार्थना करना कि जन्म की सूचना महादेव नौ महीने पहले दे देते हो तो मृत्यु की सूचना भी कुछ दिन पहले दे देना। उन्होंने बताया कि आने की सूचना मिल जाती है लेकिन जाने की सूचना नहीं मिलती तो भगवान को हर पल स्मरण करो।
Updated on:
22 Sept 2022 09:41 am
Published on:
22 Sept 2022 09:34 am
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