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फंदे में नौ घंटे फंसा रहा तेंदुआ

फिर फंसा तेंदुआ: शिकारियों के फंदे बने जंगली जानवरों की मुसीबत शिवपुरी की टीम ने 45 मिनट में निकाला

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फंदे में नौ घंटे फंसा रहा तेंदुआ

फंदे में नौ घंटे फंसा रहा तेंदुआ

अशोकनगर/ईसागढ़/कदवाया। शिकारियों के फंदे जंगली जानवरों की मुसीबत बन गए हैं। जिले में फिर से ऐसे ही एक फंदे में तेंदुआ फंस गया, जो करीब 9 घंटे से अधिक समय तक फंदे में फंसा रहा। इससे शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क से टीम पहुंचीं और 45 मिनट की मशक्कत के बाद तेंदुए को बाहर निकाला जा सका।

मामला ईसागढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत गणेशखेड़ा के मुढ़ेरी गांव का है। सुबह 8 बजे गांव के मुंशीलाल व तुलसीराम यादव अपनी भैंसों को चराने जंगल की तरफ जा रहे थे, गांव से कुछ दूरी पर पहुंचते ही भैंसे अचानक रंभाने लगी। आवाज सुन पहुंचे दोनों ग्रामीणों को बागड़ के किनारे फंदे में फंसा तेंदुआ अचेत अवस्था में पड़ा मिला। ग्रामीणों को सूचना लगी तो लोगों की भीड़ लग गई और दोपहर 11 बजे डीएफओ अंकित पांडे, रेंजर पूनम गुप्ता सहित वन अधिकारी पहुंंचे, वहीं कदवाया थाना प्रभारी विजयबहादुर बुंदेला भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों की भीड़ को हटाकर तेंदुओं से करीब 300 मीटर दूरी पर सुरक्षा घेरा बनाया, ताकि फंदे से छूटकर तेंदुआ किसी को नुकसान न पहुंचा दे। वहीं शिवपुरी माधव नेशनल पार्क की रेस्क्यू टीम को सूचना दी।

जंगली क्षेत्र में रोक के बावजूद भी शिकारी आए दिन जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए अवैध रूप से फंदे लगा रहे हैं। जिनसे जंगली जानवरों का तो शिकार किया ही जा रहा है। वहीं तेंदुआ भी फंस रहे हैं। सितंबर माह में चंदेरी क्षेत्र में चार साल के मादा तेंदुआ की इसी तरह के फंदे में फंसकर मौत हो गई थी। वहीं इससे दो साल पहले भी आम खो पर तेंदुआ फंदे में फंसा मिला था। इसके बावजूद भी विभाग फंदा लगाने वाले शिकारियों को रोक नहीं लगा पा रहा है।

दो बार निशाना लगाने पर बेहोश हुआ तेंदुआ
दोपहर करीब 3 बजे माधव नेशनल पार्क शिवपुरी की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और तेंदुआ को बेहोश करने दो बार निशाना लगाया। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने तेंदुआ को फंदे से बाहर निकाला। अधिकारियों के मुताबिक वाहन के क्लच वायर से फंदा बनाया गया था। तेंदुआ की उम्र चार साल बताई जा रही है, टीम के मुताबिक यदि देर हो जाती तो तेदुंए की मौत भी हो सकती थी। बाद में टीम तेंदुआ को पिंजरे में डालकर साथ ले गई।

फंदा यदि गर्दन में फंस जाता तो मौत हो सकती थी
फंदा तेंदुए की कमर में फंस गया था, इससे वह ज्यादा चोटिल नहीं हो सका। यदि गर्दन में फंस जाता तो मौत हो सकती थी। रेस्क्यू कर मादा तेंदुआ को निकाल लिया गया है, इसकी उम्र चार साल है। इलाज के बाद माधव नेशनल पार्क में छोड़ दिया जाएगा।
- जितेंद्रकुमार जाटव, चिकित्सक माधव नेशनल पार्क शिवपुरी