
शॉर्टेज और डिफाल्टर पाए जाने पर 28 खरीदी केंद्र निरस्त, फिर से बनाए नए खरीदी केंद्र
अशोकनगर। जहां किसान अपनी उड़द बेचने के लिए सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन जिले में यह खरीद शुरू होने से पहले ही अटक गई।
विभाग ने गेहूं खरीदी में शॉर्टेज और डिफाल्टर पाए जाने पर 28 समितियों को खरीदी से निरस्त कर दिया है। वहीं नई समितियों को जोड़कर फिर से 23 नए खरीदी केंद्र बनाए हैं। इससे अब और तीन-चार दिन खरीदी शुरू नहीं हो पाएगी।
खाद्य विभाग के मुताबिक जिले में समर्थन मूल्य पर उड़द, तिल, रामतिल, मूंग और मूंगफली की खरीदी के लिए 35 खरीदी केंद्र बनाए गए थे। बाद में एक खरीदी केंद्र को निरस्त कर दिए जाने से केंद्रों की संख्या 34 बची थी। लेकिन समितियों ने 20 अक्टूबर से आठ दिन बीत जाने के बाद भी खरीदी शुरू नहीं की थी।
इस पर विभाग के भोपाल के अधिकारियों ने पिछले दो साल में गेहूं की खरीदी करने वाली समितियों में से ऐसी समितियों को खरीदी से हटा दिया है, जिनके पास पिछले दो साल में खरीदी-जमा में 0.25 फीसदी की शॉर्टेज पाई गई थी।
जिले में ऐसी 28 समितियों को डिफाल्टर मानते हुए खरीदी से ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। इससे उड़द के 6 ही खरीदी केंद्र बचे थे और अब नई समितियों को जोड़कर जिले में 23 खरीदी केंद्र बना दिए हैें जो उड़द की खरीदी करेंगे।
चार-पांच दिन नहीं हो सकेगी खरीद...
विभाग के मुताबिक नए खरीदी केंद्र बनाकर भोपाल नाम भेज दिए हैं। भोपाल से पोर्टल पर इन केंद्रों के नाम फीड होते ही, इन केंद्रों पर गांवों की मैपिंग की जाएगी कि कौन सा गांव किस केंद्र पर अपनी उपज बेच सकता है।
मैपिंग के बाद जिले में खरीदी शुरू करा दी जाएगी। विभाग इस प्रक्रिया में दो से तीन दिन लगने की बात कह रहा है, जबकि समितियों का कहना है कि चार से पांच दिन इस प्रक्रिया में लग सकते हैं।
गेहूं की खरीद भी नहीं सकेंगी समितियां....
विभाग के इस आदेश के बाद यह डिफाल्टर घोषित हुईं जिले की 28 समितियां अब गेहूं खरीदी भी नहीं कर पाएंगी। वहीं अन्य फसलों की खरीदी भी इन समितियों को नहीं सौंपी जाएंगी।
नए बनाए गए केंद्र ही अब जिले में उड़द सहित रबी सीजन के दौरान खरीदी कर सकेंगे।
Published on:
29 Oct 2018 04:03 pm

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