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प्रत्येक रेंज की टीम जिलेभर में करेगी गश्त, जानिए क्यों…..

गुना में शिकार की घटना के बाद अलर्ट पर वन विभाग, सीसीएफ ने दिए निर्देश कहा कि मजबूत करें सूचना तंत्र, गश्त भी बढ़ाए ताकि न हो सके वन्यजीवों का शिकार।  
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अशोकनगर

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Manoj Vishwkarma

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Updated: 19 May 2022, 12:07 AM IST

प्रत्येक रेंज की टीम जिलेभर में करेगी गश्त, जानिए क्यों.....

प्रत्येक रेंज की टीम जिलेभर में करेगी गश्त, जानिए क्यों.....

अशोकनगर. गुना में हुई शिकार की घटना के बाद जिले में भी वन विभाग अलर्ट पर है। इसके लिए अब प्रत्येक रैंज की टीम चार दिन जिले के दूसरे रैंजों में भी गश्त करेगी, साथ ही रोज सुबह 10 बजे गश्त की रिपोर्ट डीएफओ को देना होगी। सीसीएफ ने वन अधिकारियों की बैठक कर सख्ती से जंगलों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य वनसंरक्षक अधिकारी(सीसीएफ) डीके पालीवाल ने बुधवार को शिवपुरी में सभी वन अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें मुख्य वन संरक्षक अधिकारी ने निर्देश दिए कि जंगलों पर नजर रखने सूचना तंत्र को मजबूत करें और दल गठित कर गश्त बढ़ाए। इससे अब जिले की प्रत्येक रैंज की टीम सप्ताह में दो दिन अपने क्षेत्र में और चार दिन जिले की अन्य रैंज क्षेत्र में गश्त करेंगी। इसके लिए पूरा प्लान तैयार किया गया है। सीसीएफ ने दिए निर्देश कहा कि मजबूत करें सूचना तंत्र, गश्त भी बढ़ाए ताकि वन्यजीवों का शिकार न हो सके ।

जिले में भी दो तेंदुआ व काले हिरण बने शिकार-

जिले में 888.35 वर्ग किमी क्षेत्र में जंगल है, जिसमें करीब पांच हजार हिरण हैं, जिनमें डेढ़ हजार काले हिरण और करीब दो हजार नीलगाय हैं, साथ ही चीतल व सांभर भी हैं। जिले में भी वन्यजीवों का शिकार होता है और पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें तो जिले में दो तेंदुआ भी शिकारियों के फंदों में फंसकर जान गंवा चुके हैं, इसके अलावा पिछले वर्षों में जिले में काले हिरणों का मांस भी वन टीम जब्त कर चुकी है और तीन-चार हिरणों के शव भी मिले थे।

इनका कहना है

वनक्षेत्र के साथ राजस्व क्षेत्र में भी हिरण घूमते रहते हैं। जिनकी सुरक्षा के लिए सूचना तंत्र को मजबूत किया जा रहा है और गश्त भी बढ़ाई जा रही है, इसके लिए दल गठित किए गए हैं। जिले में करीब 8 से 12 तेंदुआ, पांच हजार हिरण हैं।

आदित्य सांडिल्य, एसडीओ वन अशोकनगर