रथ के आगे-आगे क्षेत्रीय विधायक नपाध्यक्ष जैन युवा वर्ग के संरक्षक विजय धुर्रा, मुनिश्री अभयसागर जी, प्रभात सागरजी व पूज्य सागरजी महाराज व श्रद्धालु चल रहे थे। रथों के पीछे छप्पन कुमारियां व अष्ट कुमारी देवियां नाचती गाती हुईचल रही थीं। महिला रेजीमेंट व अरिहंत ग्र्रुप की पांचों बटालियन पचरंगा ध्वज लेकर यात्रा में शामिल हुईं।गजरथ में प्रत्येक रथ के आगे श्रद्धालु नाचते-गाते हुए चल रहे थे। कोई चांचड़ खेल रहा था तो कोई डांडिया। सात परिक्रमा पूर्ण करने के बाद श्रीजी को पंडाल में लाया गया जहां प्रभु का अभिषेक व शांति की गई। इस महामहोत्सव में चन्देरी के अलावा मुंगावली, सेहराई, अशोकनगर, आरोन, ईसागढ़, बामौर कला, खनियाधाना, पचराई, गोलाकोट, पिपरा, अछरौनी, ललितपुर, राजघाट, टीकमगढ, ग्वालियर, भोपल, बैंगलोर, अहमदाबाद गुना, इन्दौर, उज्जैन सहित देश के विभिन्न भागों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।