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तुलसी सरोवर सौंदर्यकरण: हनुमान टापू देगा शहर को नई पहचान, सौंदर्यकरण को शासन ने दिए 4.99 करोड़

सौंदर्यकरण का पहले फेज का निर्माण पूर्ण होने की स्थिति में, दूसरे फेज की राशि स्वीकृत।

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Tulsi Sarovar Beautification

Tulsi Sarovar Beautification


अशोकनगर. तुलसी सरोवर के बीच में स्थित हनुमान टापू शहर की नई पहचान बनेगा, जहां हनुमानजी की 108 फिट ऊंची प्रतिमा स्थापित होगी तो वहीं टापू तक पहुंचने 160 मीटर लंबा ब्रिज भी बनेगा। साथ ही टापू को आकर्षक बनाया जाएगा और इससे शहर में तुलसी सरोवर का नजारा आकर्षक रहेगा।
प्रदेश सरकार ने हनुमान टापू के सौंदर्यकरण के लिए नगरपालिका अशोकनगर को चार करोड़ 99 लाख 50 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की है। इस राशि से तुलसी सरोवर के बीच स्थित हनुमान टापू के चारों ओर सीमेंट कांक्रीट की सेफ्टीवाल बनाई जाएगी, साथ ही सौंदर्यकरण भी किया जाएगा। इसके अलावा हनुमानजी की प्रतिमा लगाने के लिए स्ट्रक्चर तैयार होगा, साथ ही लोगों को बैठने के लिए सिटिंग व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अलावा टापू तक पहुंचने तुलसी सरोवर में 160 मीटर लंबा ब्रिज बनेगा, साथ ही ब्रिज तक पहुंचने का रास्ता भी बनाया जाएगा। ताकि लोग आसानी से टापू तक पहुंच सकें और वहां पर सरोवर के सौंदर्य के बीच फुर्सत के पल व्यतीत कर सकें।
जनसहयोग से सवा करोड़ की लागत से स्थापित होगी प्रतिमा-
विधायक जजपालसिंह जज्जी ने बताया कि हनुमान टापू पर हनुमानजी की 108 फिट ऊंची प्रतिमा लगाई जाना है, इस प्रतिमा की लंबाई को बढ़ाकर 111 फिट का प्रस्ताव दिया गया है। सवा करोड़ रुपए की लागत की यह प्रतिमा जनसहयोग से तैयार हो रही है और इसके लिए राशि भी जमा करा दी गई है। टापू के सौंदर्यकरण के साथ ही प्रतिमा को स्थापित कराया जाएगा।
10 करोड़ की लागत से हो रहा सरोवर सौंदर्यकरण-
शहर से सटे तुलसी सरोवर का सौंदर्यकरण 10 करोड़ रुपए की लागत से चल रहा है। पहले फेज में 4.98 करोड़ रुपए की राशि शासन ने दी थी। जिससे पार्क का निर्माण किया गया है, साथ ही शहर के गंदे नालों को सरोवर में मिलने से रोकने के लिए नाला निर्माण भी किया जा रहा है। इसके अलावा सड़क की तरफ बाउंड्रीवाल भी बनाई गई है। वहीं दूसरे फेज में हनुमान टापू के सौंदर्यकरण के लिए राशि स्वीकृत हुई है, इससे जल्दी ही टापू के सौंदर्यकरण का भी काम शुरु कराने की तैयारी है।
सरोवर के चारों तरफ पाथवे बनाने की भी योजना-
वहीं तुलसी सरोवर के चारों तरफ पाथवे भी बनाने की योजना है। आठ फिट चौंडा यह पाथवे सरोवर की पार पर बनाया जाएगा। जिसे पेवर्स ब्लॉक से तैयार किया जाएगा। ताकि लोग पाथवे पर टहल सकें और सरोवर की खूबसूरती का लुत्फ उठा सकें। हालांकि इसकी स्वीकृत तीसरे फेज में मिलने की संभावना है।
यह भी खास-
- 50 लाख रुपए की लागत से लाइटिंग की जा रही है, लाइटिंग का ज्यादातर काम हो भी चुका है, साथ ही डेकोरेटेड लाइट लगाने की भी योजना है, रात के समय लाइटिंग से सरोवर का नजारा लोगों को आकर्षित करता है।
- सरोवर पर पार्क का निर्माण किया गया है, जिसमें लोगों को बैठने की व्यवस्था, मुख्य द्वार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच तैयार हो गया है, वहीं आर्कब्रिज और पार्क को देशभक्ति की थीम पर सजाने की भी योजना है।
- विभिन्न तरह के फूलों के और आकर्षक पौधे व सजावटी पेड़ भी लगाए गए हैं, पार्क में एक में करीब एक सैंकड़ा तरह के फूल हैं और प्रत्येक फूल अलग-अलग किस्म के लगाए गए हैं, जो लोगों को आकर्षित करेंगे।
- इंदौर के 56 मार्केट की तर्ज पर तुलसी सरोवर पर चौपाटी विकसित करने की योजना है, इसके लिए रघुवंशी धर्मशाला की तरफ यह चौपाटी तैयार की जाएगी, ताकि लोगों को रोजगार भी मिल सके और लोग अपनी दुकानें लगा सकें।
- तुलसी सरोवर जलसंसाधन विभाग का है, जिसे जलसंसाधन विभाग से ट्रांसफर कर नपा को देने की तैयारी भी है, इसके लिए जलसंसाधन विभाग ने एनओसी दे दी है तो वहीं नपा ने भी हैंडओवर की सहमति दे दी है।