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पाकिस्तानी सेना के चंगुल से भागी यह महिला, अब अमरीका जाकर किया बड़ा खुलासा

32 वर्षीय गुलालाई अपनी बहन के साथ न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में रह रही है दोनों बहनों ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया कि वह किस तरह से देश छोड़ने में कामयाब रही हैं
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Mohit Saxena

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Sep 20, 2019

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इस्लामाबाद। बीते माह इस्लामाबाद के अधिकारियों से बचकर अमरीका पहुंची पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता गुलालाई इस्माइल ने अमरीका से राजनीतिक शरण की मांग की है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 32 वर्षीय गुलालाई अपनी बहन के साथ न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन में रह रही है।

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दोनों बहनों ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया कि वह किस तरह से देश छोड़ने में कामयाब रही हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनका कहना है कि वह यह सब बता नहीं सकती हैं। उनके निकलने की कहानी से कई लोगों की जिंदगी जोखिम में पड़ सकती है।

नवंबर 2018 में इस्लामाबाद हाईकोर्ट को सूचित किया गया था कि इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने विदेश में गुलालाई इस्माइल की कथित देश विरोधी गतिविधियों के लिए उनका नाम एक्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) में डालने की सिफारिश की थी।

इस्माइल द्वारा ईसीएल में अपना नाम डालने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली एक याचिका के बाद, इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने उसका नाम सूची से हटाने का आदेश दिया था। हालांकि, आंतरिक मामलों के मंत्रालय को आईएसआई द्वारा की गई सिफारिशों के संदर्भ में,उनके पासपोर्ट को जब्त करने सहित उचित कार्रवाई करने की अनुमति दी थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस्माइल अभी भी इस्लामाबाद में रह रहे अपने माता-पिता के बारे में चिंतित हैं जो आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय मदद देने के आरोपों और कड़ी निगरानी का सामना कर रहे हैं।"

इमरान खान से मांगी थी सुरक्षा

इस्माइल ने पाकिस्तानी सेना द्वारा यौन शोषण की घटनाओं को उजागर करने की कोशिश की थी। देश की महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण उनपर देशद्रोह का आरोप लगाया गया। महिला कार्यकर्ताओं के एक समूह ने प्रधानमंत्री इमरान खान को पत्र लिखकर इस्माइल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की थी। उन्होंने अपने ऊपर लगे देशद्रोह के मामले को गलत बताया है।