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चीन के गांसू प्रांत में 16 साल से कम उम्र के बच्चे नहीं ग्रहण कर पाएंगे इस्लामिक शिक्षा

चीन में अब 16 साल से कम उम्र के बच्चों को इस्लामिक शिक्षा देने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
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नई दिल्ली

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Mangala Prasad Yadav

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Updated: 17 Jul 2018, 2:10 PM IST

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चीन के गांसू प्रांत में 16 साल से कम उम्र के बच्चे नहीं ग्रहण कर पाएंगे इस्लामिक शिक्षा

बीजिंग। चीन के गांसू प्रांत में मुस्लिम बच्चे अब इस्लामिक शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाएगे। सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों की धार्मिक गतिविधियों या अध्ययन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार का कहना है कि मुस्लिम बच्चों को इस्लामिक की शिक्षा देने की बजाय चीनी शिक्षा की जरुरत है। सरकार ने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया है कि इन बच्चों के लिए धर्मनिरपेक्ष सिलेबस बनाया जाना चाहिए। कम्युनिस्ट पार्टी के इस फैसले से सवाल उठने लगे हैं कि क्या चीन अपने से देश से इस्लाम की शिक्षा को बाहर का रास्ता दिखाना चाहती है।

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शिनजियांग प्रांत में पहले ही लगा था प्रतिबंध
चीन के मिनी मक्का गांसू प्रांत में प्रतिबंध लगने से पहले शिनजियांग प्रांत में भी मुस्लिम समुदाय के लोगों पर कई तरह के प्रतिबंध लगे हैं। यहां पर हिजाब पहनने, दाढ़ी बढ़ाने और रमजान महीने में रोजा रखने तक की मनाही है। यहां की सरकार ने मस्जिदों से लाउड स्पीकरों को हटवा दिया है। जहां पर नहीं हटाया गया है वहां पर जल्द से जल्द लाउड स्पीकर हटाने को कहा गया है। यहां के मदरसों और मस्जिदों में चीन का झंडा भी लगाना अनिवार्य है। अगर कोई हरा झंडा या इस्लामिक झंडा लगाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई का भी प्रावधान है।

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गर्मियों की छुट्टियों में आते थे बच्चे
दरअसल यहां पर एक हजार से ज्यादा बच्चे गर्मियों की छुट्टियां में आते हैं। ये बच्चे इस्लामिक शिक्षा ग्रहण करने के साथ ही अरबी में लिखी किताबों को भी पढ़ते थे। लेकिन स्थानीय प्रशासन ने अब 16 साल से कम उम्र के बच्चों को इस्लामिक शिक्षा ग्रहण करने पर पाबंदी लगा दी है।