अफ्रीकी देशों की मदद कर रिझाना चाह रहा है चीन, बिना ब्याज के वित्तीय सहायता का किया ऐलान

अफ्रीकी देशों की मदद कर रिझाना चाह रहा है चीन, बिना ब्याज के वित्तीय सहायता का किया ऐलान

Shweta Singh | Publish: Sep, 04 2018 01:15:45 PM (IST) एशिया

इस वित्तीय सहायता के ऐलान करते समय उन्होंने कहा कि ये कदम स्थिर और सही दिशा के लिए है।

पेईजिंग। पाकिस्तान को लुभाने के बाद ड्रैगन यानी चीन का अगला निशाना गरीब अफ्रीकी है। दरअसल मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अफ्रीकी राष्ट्रों को 60 बिलियन डॉलर यानी 4,277 करोड़ रुपए की मदद का ऐलान किया। इस वित्तीय सहायता के ऐलान करते समय उन्होंने कहा कि ये कदम स्थिर और सही दिशा के लिए है।

मदद से बदल जाएगी जिंदगी

रिपोर्ट में ये भी कहा जा रहा है कि शी ने दावा किया कि विकास की दौड़ में पीछे छूट गए देशों को इस सहायता से प्रगति की राह मिलेगी और बेहतर जिंदगी जीने का मौका मिल सकेगा। उसके इस कदम पर आलोचकों का कहना है कि वो गरीब राष्ट्रों को मदद की जाल में फंसाने की कवायद में है।

पहले भी साउथ अफ्रीका में हुए एक समिट के दौरान किया था मदद का ऐलान

हालांकि चीन ने अपने इस कदम से कमजोर राष्ट्रों को अपने जाल में फंसाने वाले दावों का खंडन किया। चीन की ओर से जारी बयान कहा, 'चीन का अफ्रीकी राष्ट्रों में निवेश के पीछे को राजनीतिक उद्देश्य नहीं है।' उन्होंने आगे कहा कि चीन ने इससे तीन साल पहले भी साउथ अफ्रीका में हुए एक समिट के दौरान भी 4,277 करोड़ रुपए की मदद की थी।

पेइचिंग के टाउन हॉल में शी ने की ये घोषणा

आपको बता दें कि शी ने पेइचिंग के टाउन हॉल में इस मदद की घोषणा की। उस वक्त शी अफ्रीकी नेताओं के साथ बैठक में शामिल हुए थे। शी ने घोषणा करते हुए कहा, 'ये वित्तीय मदद से अफ्रीकी राष्ट्रों के विकास के लिए है। कुल 60 बिलीयन में से 15 बिलियन मदद बिना किसी ब्याज के लिए दी जा रही है। इसके साथ ही मदद का एक भाग चीन और अफ्रीकी देशों के बीच के संबंधों की मजबूती के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। जबकि 5 बिलियन डॉलर की रकम का इस्तेमाल खास तौर पर अफ्रीकी उत्पादों के आयात में खर्च होगा।'

दोनों देशों के नागरिकों को फायदा हो

शी ने ये भी दावा किया कि चीन और अफ्रीका के बीच मजबूत संबंध स्थापित होने से दोनों देशों के नागरिकों को फायदा होना चाहिए। शी ने कहा, 'चीन-अफ्रीका सहयोग दोनों देशों के नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाला होना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि चीन का स्पष्ट मानना है कि पीछे छूट गए अफ्रीकी देशों को विकास की दौड़ में वापस लाने में अतिरिक्त सहयोग और बिना ब्याज के ऋण दिए जाने की जरूरत है।'

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