
Modi GST
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थित मलेशिया में हाल ही में एक बड़ा सत्ता परिवर्तन हुआ है। दरअसल, 92 साल के महातिर मोहम्मद मलेशिया के नए प्रधानमंत्री बने हैं। उन्होंने वहां के चुनावों में ऐतिहासिक जीत हासिल की है। चुनावों में महातिर मोहम्मद का मुकाबला प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक से था। उन्होंने 222 संसदीय सीटों में से 113 पर जीत दर्ज की है।
जीएसटी की वजह से चुनाव हारे मलेशिया के प्रधानमंत्री
वैसे तो महातिर मोहम्मद की जीत के और नजीब रज्जाक की हार के कई कारण हैं, लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्टस में जो मुख्य कारण चल रहे हैं, उनमें से एक है जीएसटी। जी हां, गुड्स एंड सर्विसिज़ टैक्स को मलेशिया में नजीब रज्जाक की हार का बड़ा कारण माना जा रहा है, क्योंकि इस टैक्स प्रणाली की वजह से ही नजीब रज्जाक को प्रधानमंत्री पद की कुर्सी गंवानी पड़ी है। सिर्फ मलेशिया ही नहीं बल्कि कनाडा में भी जीएसटी लागू करने वाली सरकार को अगले चुनावों में हार का सामना करना पड़ गया था।
2 साल पहले मलेशिया में लागू हुई थी जीएसटी व्यवस्था
वैसे इसके अलावा मलेशिया के आम चुनावों में प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक पर लगा घोटाले का आरोप भी एक बड़ा मुद्दा था। घोटाले के आरोपों की वजह से भी उनकी हार मानी जा रही है। आपको बता दें कि मलेशिया में प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक ने 1 अप्रैल 2015 को जीएसटी लागू किया था। इसको लेकर वहां के लोगों में सरकार के खिलाफ लगातार नाराजगी थी, जिसका जवाब जनता ने चुनावों में दे दिया।
महातिर मोहम्मद ने जीएसटी को हटाने का किया था वादा
चुनावों से पहले एक इंटरव्यू के दौरान प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक ने जीएसटी लागू करने के फैसले को सबसे कठिन फैसला बताया था। उनके अनुसार उन्हें पता था कि जीएसटी लागू होने के बाद कई सामानों और सेवाओं के दाम में बढ़ोतरी होगी, लेकिन देशहित में यह निर्णय जरूरी था। वहीं 92 साल के महातिर ने रज्जाक की पार्टी बैरिसन नेशनल (बीएन) गठबंधन को चुनावों में करारी शिकस्त दी है। महातिर ने न सिर्फ रज्जाक पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को मुद्दा बनाया था, बल्कि उन्होंने सत्ता हाथ में आने पर जीएसटी हटाने का वादा भी किया था।
ऐसे में कहा ये जा रहा है कि मलेशिया की जनता ने जीएसटी हटाने के लिए महातिर को जिताया है। महातिर ने मलेशिया में चीन के निवेश पर भी दोबारा नजर डालने की घोषणा की है।
भारत में जीएसटी की वजह से हो सकता है सियासी बदलाव
इन सबके बीच बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि कनाडा और मलेशिया में जीएसटी का नुकसान जिस तरह से वहां की सरकारों को भुगतना पड़ा है, कुछ ऐसा ही सियासी बदलाव भारत में देखने को ना मिल जाए, क्योंकि भारत में 1 जुलाई 2017 को जीएसटी लागू किया गया था। हिंदुस्तान में नई टैक्स प्रणाली के लागू होने से देश की जनता को खासकर कि व्यापारी वर्ग को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जीएसटी को लेकर भारत में भी विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हावी रहता है।
Published on:
10 May 2018 03:08 pm

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