
China executes criminals (Representational Photo)
आज के इस दौर में यूं तो मौत की सज़ा सामान्य नहीं है, लेकिन कई गंभीर मामलों में अभी भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। ऐसा ही एक मामला चीन (China) में देखने को मिला है। म्यांमार (Myanmar) स्थित टेलीकॉम फ्रॉड गिरोहों के 11 लोगों को चीन में सज़ा-ए-मौत की सजा दे दी गई है। ये अपराधी मिंग परिवार के सिंडिकेट से जुड़े थे। इन लोगों को आज, गुरुवार, 29 जनवरी को पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत के वेनझोउ शहर में सर्वोच्च जन अदालत की मंजूरी के बाद सज़ा-ए-मौत दी गई।
सभी 11 अपराधी 2015 से 2023 तक म्यांमार के कोकांग क्षेत्र में स्कैम सेंटर्स में शामिल थे और उन्होंने बड़े पैमाने पर देश में साइबर घोटाले, अवैध जुआ और मानव तस्करी को अंजाम दिया। अपराधी चीन के नागरिकों को नौकरी के बहाने फंसाते थे और जबरन घोटालों में लगाते थे। अपराधों में जानबूझकर हत्या, धोखाधड़ी और अवैध हिरासत भी शामिल हैं। उनके सिंडिकेट ने 10 बिलियन युआन (लगभग 1.4 बिलियन डॉलर) से ज़्यादा कमाए, जिससे चीन के 14 नागरिकों की मौत हुई और कई घायल हुए। मिंग परिवार के 39 सदस्यों को सितंबर 2025 में सज़ा सुनाई गई थी, जिसमें से 11 को आज मौत की सज़ा दी गई।
आज 11 लोगों को मौत की सज़ा देकर चीन ने म्यांमार और दक्षिण पूर्व एशिया में अन्य जगहों पर फर्जीवाड़ा करते हुए चीन के नागरिकों को फंसाने वालों को कड़ा मैसेज दे दिया है। हालांकि अब यह धंधा म्यांमार की थाईलैंड से लगी बॉर्डर और कंबोडिया और लाओस में चला गया है, जहाँ चीन का प्रभाव बहुत कम है। जानकारी के अनुसार म्यांमार और दक्षिण पूर्व एशिया के अन्य हिस्सों में ऑनलाइन स्कैम चलाने के लिए लाखों लोगों की तस्करी की गई है। इनमें ज़्यादातर लोग चीन के ही नागरिक हैं। इतना ही नहीं, जिन लोगों से ठगी की जाती है, उनमें भी ज़्यादातर चीन के ही लोग होते हैं। म्यांमार की सेना द्वारा स्कैम के इस धंधे को रोकने से इनकार करने की वजह से चीन को खुद ही इस मामले पर एक्शन लेना पड़ा।
Updated on:
29 Jan 2026 01:08 pm
Published on:
29 Jan 2026 12:52 pm
