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अमेरिका से ट्रेड डील, रूस से दूरी? पुतिन के विदेश उपमंत्री ने दिल्ली आकर वाशिंगटन को सुनाई खरी-खरी

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद रूस से दूरी की अटकलों पर पुतिन के विदेश उप मंत्री ने दिल्ली में वाशिंगटन की नीति पर तीखा बयान दिया। BRICS और तेल पर क्या कहा, पढ़ें।

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Sergei Ryabkov

रूस के विदेश उप मंत्री सर्गेई रियाबकोव। (Photo- Xinhua/Bai Xueqi/IANS)

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के बाद रूस से तेल आयात में संभावित कटौती को लेकर तमाम तरह के दावे किए जा रहे हैं। इसी बीच BRICS शेरपाओं की पहली बैठक के लिए नई दिल्ली में मौजूद रूस के विदेश उप मंत्री सर्गेई रियाबकोव ने एक इंटरव्यू में उम्मीद जताई है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील का असर दिल्ली-मास्को संबंधों पर नहीं पड़ेगा। खास बात यह है कि उनका यह बयान भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत की ऊर्जा जरूरतें राष्ट्रीय हितों के अनुरूप तय की जाएंगी।

भारत-अमेरिका संबंधों पर रूस की चिंता

भारत-अमेरिका संबंधों पर रूसी उप विदेश मंत्री ने कहा कि दिल्ली और मास्को के बीच व्यापार का स्तर पहले से ही अच्छा है, लेकिन इसकी संभावनाएं इससे कहीं अधिक हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि भारत जैसे देश में सभी के लिए जगह है। सभी के साथ सहयोग करने की क्षमता भी। अमेरिकी नीति पर उन्होंने कहा कि उनकी समस्या यह है कि वे सब कुछ अपने लिए चाहते हैं और दूसरों के लिए कुछ नहीं। यह रवैये का सबसे खराब है।

टैरिफ वार और BRICS की भूमिका

टैरिफ वॉर और BRICS की व्यावहारिकता पर सर्गेई रियाबकोव ने कहा कि टैरिफ और हर तरह के दबाव वाले कदम किसी एक शक्ति का वर्चस्व स्थापित करने के अस्वीकार्य तरीके हैं। जो हो रहा है, उसे सही ठहराने का कोई तरीका नहीं है। हमें आत्मनिर्भर होना होगा। मौजूदा प्रणालियों के विकल्प तैयार करने होंगे। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कई बार कह चुके हैं कि यदि रूस को डॉलर के इस्तेमाल से वंचित नहीं किया गया होता, तो हम आज भी डॉलर के साथ होते। यदि ऐसा नहीं है, तो हमें इसका जवाब ढूंढना होगा।

BRICS पर ‘पश्चिम-विरोधी’ का आरोप खारिज

BRICS को अमेरिका द्वारा ‘पश्चिम-विरोधी’ गठबंधन बताए जाने को सिरे से खारिज करते हुए रियाबकोव ने कहा कि BRICS कभी भी पश्चिम-विरोधी मंच नहीं रहा। हम वही करते हैं जो हमें अपने लिए जरूरी लगता है। हमारा उद्देश्य बाधाओं को खत्म करना है। चाहे वे कस्टम्स से जुड़ी हों, नियमों से या टैरिफ से, जिससे वस्तुओं और निवेश मुक्त प्रवाह सुनिश्चित किया जा सके।

यूक्रेन में हम विशेष सैन्य अभियान चला रहे..

यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका द्वारा अन्य देशों पर रूस से व्यापार बंद करने के दबाव के सवाल पर रूसी उप विदेश मंत्री ने कहा कि यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। हम यूक्रेन के साथ युद्ध में नहीं हैं। हम विशेष सैन्य अभियान चला रहे हैं। इसका उद्देश्य यूक्रेन में रहने वाले रूसियों और रूसी-भाषी लोगों की रक्षा करना है। व्यापार को युद्ध से जोड़े जाने की कोशिश को हम सिरे से खारिज करते हैं।

डी-डॉलराइजेशन पर हो रही बातचीत

डी-डॉलराइजेशन या वैकल्पिक मुद्रा के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर बातचीत चल रही है, लेकिन इसे ‘वैकल्पिक मुद्रा’ कहना सही नहीं कहा। उन्होंने कहा, हम किसी साझा या नई मुद्रा की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि राष्ट्रीय मुद्राओं के व्यापक उपयोग, खासकर भुगतान, निपटान और ऐसे बुनियादी ढांचे की बात कर रहे हैं, जो किसी भी तरह के प्रतिबंधों से मुक्त हो।

भारत की BRICS अध्यक्षता की सराहना की

भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों और BRICS में भारत की भूमिका पर रियाबकोव ने कहा कि रिश्तों की दिशा दोनों देशों पर निर्भर करती है। हम भारत के साथ उतना आगे जाने को तैयार हैं। उन्होंने भारत की BRICS अध्यक्षता की सराहना करते हुए कहा कि भारत की कूटनीतिक दक्षता, पेशेवराना रवैया और कठिन परिस्थितियों में समाधान निकालने की क्षमता की दुनिया भर में सराहना होती है। उन्होंने नई दिल्ली में हुई पहली शेरपा बैठक में सभी साझेदार देशों की भौतिक मौजूदगी को उन्होंने बेहद सकारात्मक संकेत बताया।

दबाव की राजनीति अपना रहा US: सर्गेई लावरोव

इससे पहले रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि वाशिंगटन भारत समेत कई देशों पर रूसी तेल की खरीद रोकने के लिए दबाव बना रहा है। अमेरिका प्रतिबंधों और टैरिफ का इस्तेमाल कर देशों को सस्ता रूसी ईंधन छोड़ने और उसके बदले महंगा अमेरिकी LNG खरीदने के लिए मजबूर कर रहा है। उन्होंने इस रणनीति को एक तरह की ‘जंग’ करार देते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों का खुला उल्लंघन है।

वहीं तमाम तरह की चल रही अटकलों के बीच मोदी सरकार ने मंगलवार को संसदीय समिति को बताया कि भारत उन देशों से कच्चे तेल की खरीद जारी रखेगा, जहां उसे सस्ता और सबसे अच्छी गुणवत्ता वाला तेल मिलेगा।