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अमरीका और ईरान के तनाव में कई देशों को हो सकता है आर्थिक नुकसान

आतंकवाद और क्षेत्रीय सहयोग पर आयोजित सम्मेलन में बोले ईरान के राष्ट्रपति
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Mohit Saxena

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Updated: 9 Dec 2018, 9:12 AM IST

rohani

हसन रोहानी ने अमरीकी प्रतिबंधों को आर्थिक आतंकवाद करार दिया

तेहरान। ईरान लगातार अपनी अमरीका पर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहा है। पिछले दिनों उसने खाड़ी का रास्ता बंद करने की धमकी दी है। राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा कि अमरीका चाहकर भी ईरान से तेल के निर्यात को रोक नहीं सकता है। अगर वह ऐसा करने की कोशिश करता है तो फारस की खाड़ी से तेल का निर्यात नहीं हो सकेगा। वहीं रोहानी ने शनिवार को अपने अभिभाषण में कहा कि अमरीका का ईरान पर अवैध और अन्यायपूर्ण प्रतिबंध लगाना हमारे देश पर निशाना साधना है जो कि आतंकवाद की स्पष्ट घटना है। उन्होंने इसे आर्थिक आतंकवाद करार दिया। उनके इस रवैये को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले समय में अमरीका और ईरान की इस लड़ाई में विश्व के कई देशों नुकसान उठाना पड़ सकता है।

खाड़ी विवाद का बड़ा विषय बनी

गौरतलब है कि खाड़ी देशों में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। अगर ईरान फारस की खाड़ी में व्यापार का रास्ता रोकता है तो सऊदी अरब से होने वाले व्यापार पर भी बुरा असर पड़ेगा। वर्तमान में सऊदी दुनियाभर में तेल का सबसे बड़ा निर्यातक देश है। 1980 से 88 के बीच खाड़ी विवाद एक बड़ा विषय बन गया था। इस दौरान दोनों देशों ने एक दूसरे के तेल के जहाजों पर हमला कर दिया था।

अमरीका ने दोबारा प्रतिबंध लगाया

1980 के बाद से ईरान कई बार खाड़ी से तेल के निर्यात को रोकने की धमकी दे चुका है। अंतरराष्ट्रीय दबाव में ईरान ने ऐसा किया लेकिन कभी इस पर अमल नहीं किया गया। 2015 में तेहरान के परमाणु समझौते से अलग होने के बाद अमरीका ने दोबारा प्रतिबंध लगा दिए हैं। इस प्रतिबंध के मुताबिक ईरान से तेल का निर्यात बंद हो जाना चाहिए था लेकिन अभी आठ देशों को ईरान से तेल आयात के लिए अस्थाई छूट दी गई है।