
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने हाल ही में एक टीवी चैनल शुरू करने का ऐलान किया था। उन्होंने बताया था कि इसका मकसद इस्लामोफोबिया को दूर करना है। अब इमरान ने इसको लेकर और अधिक जानकारी साझा की है। बता दें कि इस्लाम को लेकर गलत धारणाओं को दूर करने और चुनौतियों से निपटने के लिए पाकिस्तान, तुर्की और मलेशिया संयुक्त रूप से टीवी चैनल शुरू करने की योजना में हैं।
इमरान खान ने बैठक की तस्वीर की साझा
इस संबंध में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन और उनके मलेशियाई समकक्ष महाथिर मोहम्मद के साथ पिछले हफ्ते न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर एक बैठक की थी। पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, खान ने इसी बैठक की एक तस्वीर ट्विटर पर साझा की। इस बैठक में तीनों नेताओं ने टीवी चैनल शुरू करने का फैसला लिया।
बीबीसी की तरह अंग्रेजी चैनल खोलने की योजना
इमरान खान ने अपने पोस्ट में लिखा, 'हमने अपनी बैठक में बीबीसी की तरह ही एक अंग्रेजी भाषा के टीवी चैनल को स्थापित करने का फैसला किया है। यह चैनल मुस्लिम मुद्दों को उजागर करने के अलावा इस्लामोफोबिया से भी लड़ेगा।' जानकारी के मुताबिक, तीन देशों द्वारा संयुक्त तौर पर विभिन्न सीरीज और फिल्मों का निर्माण किया जाएगा, ताकि बड़े पैमाने पर मुसलमानों और दुनिया को इस्लामी इतिहास के लिए शिक्षित किया जा सके।
इजराइल ने ली चुटकी
वहीं, इन देशों के इस योजना पर इजराइल ने जमकर चुटकी ली है। एक मीडिया रिपोर्ट में पाकिस्तान के इस पहल पर लिखा गया कि, 'एक ऐसे देश के नेता जिनके यहां ईशनिंदा पर सजा-ए-मौत मिलती है, एक नेता जो गर्व से खुद को यहूदी-विरोधी करार चुका है और एक ऐसा नेता जो पड़ोसी मुल्कों को धमकाता है, वे तीनों एक टीवी चैनल शुरू करने की बात कर रहे हैं जिससे इस्लामोफोबिया दूर होगा।
आपको बता दें कि मलेशिया के पीएम मोहम्मद महातिर खुलेआम खुद को यहूदी-विरोधी बताते हैं। तुर्की में एर्दोगन ने अपने विरोधियों को खत्म कर दिया है और सीरिया में सैन्य बलों की संख्या बढ़ाई है। वहीं, पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून को अल्पसंख्यकों के खिलाफ इस्तेमाल किया जाता है।
Updated on:
01 Oct 2019 11:31 am
Published on:
01 Oct 2019 11:21 am

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