
ढाका। बांग्लादेश और भारत ने प्रस्तावित 129.5 किलोमीटर लंबी तेल पाइपलाइन से संबंधित समझौते पर सोमवार को ढाका में हस्ताक्षर किए है। इस पाइप लाइन से भारत से बांग्लादेश को सालाना 10 लाख टन कच्चे तेल की आपूर्ति की जाएगी। एजेंसी की खबरों के अनुसार, यह सौदा बांग्लादेश और भारत के बीच हुए छह समझौता प्रस्तावों में से एक है। इस समझौते पर ढाका में दोनों देशों के विदेश सचिवों ने हस्ताक्षर किए। दोनों विदेश सचिवों ने इस मौके पर भारत और बांग्लादेश के बीच आपसी रिश्ते को और बेहतर करने पर भी जोर दिया।
इस दौरान दोनों पक्षों ने तीस्ता जल बटवारे मुद्दे और रोहिंग्या शरणार्थी संकट पर भी चर्चा की। विदेश सचिव विजय गोखले और बांग्लादेशी विदेश सचिव मोहम्मद शाहिदुल हक ने द्विपक्षीय सहयोग के क्षेत्रों की समीक्षा की और आपसी हितों के मुद्दों पर अपने-अपने देशों का पक्ष रखा। भारतीय उच्चायोग ने एक बयान में यह जानकारी दी।
इससे पहले भारत के विदेश सचिव विजय केशव गोखले, वरिष्ठ बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत करने रविवार को यहां पहुंचे। दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बाद गोखले ने कहा, "बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना की हाल ही में भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हस्ताक्षरित सार्थक समझौतों की सूची में आज हमने छह अन्य दस्तावेज जोड़े हैं।" बताया जा रहा है कि इन दस्तावेजों में नूमलीगढ़ और परबातीपुर के बीच पाइपलाइन पर एमओयू का कार्यान्वयन, प्रसार भारती और बांग्लादेश रेडिओ के बीच सहयोग पर समझौता ज्ञापन, ढाका विश्वविद्यालय में आईसीसीआर उर्दू पीठ की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन और जीसीएनईपी-बीएईसी इंटरएजेंसी एग्रीमेंट शामिल है।
इसके अलावा दोनों पक्षों ने दो और परियोजना समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें बांग्लादेश के 500 स्कूलों में लैब की स्थापना के साथ ही बांग्लादेश के रंगपुर शहर के विभिन्न सड़कों का पुनःनिर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं के चलने दोनों देशों के संबंध और भी प्रगाढ़ होने की आशा जताई जा रही है।
Published on:
10 Apr 2018 09:48 am
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