वर्ल्ड बैंक की इस रिपोर्ट के अनुसार 2013 में भारत में 30 प्रतिशत लोग गरीबी की रेखा के नीचे रह रहे थे। गणना के हिसाब से उनकी संख्या 22.4 करोड़ थी। साल के दौरान पूरी दुनिया में गरीबों की संख्या करीब 80 करोड़ थी, जो साल 2012 की संख्या से 10 करोड़ कम रही। गरीबी में यह गिरावट मुख्य रूप से एशिया प्रशांत क्षेत्र में हुई प्रगति का परिणाम है। इसमें प्रमुख तौर पर चीन, इंडोनेशिया और भारत का योगदान है। दुनिया में निपट गरीबी में रहने वाले आधे लोग सहारा मरुस्थल के दक्षिण में रहने वाले देशो में थे।