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NSG में भारत की सदस्यता के लिए जापान ने फिर किया भारत का सपोर्ट

एक तरफ चीन और पाकिस्तान परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्या को लेकर कड़ा विरोध जता रहे हैं वहीं जापान ने फिर से भारत का समर्थन किया है

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Bhup Singh

Sep 05, 2016

PM Modi

PM Modi

तोक्यो। एक तरफ चीन और पाकिस्तान परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (NSG) में भारत की सदस्या को लेकर कड़ा विरोध जता रहे हैं वहीं जापान ने फिर से भारत का समर्थन किया है। जापान ने यह कहते हुए अपना समर्थन दोहराया कि एनएसजी में भारत की मौजूदगी से परमाणु अप्रसार को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इसी साल NSG की सिओल मीटिंग में चीन के अडिय़ल रवैये के कारण भारत के प्रयासों को धक्का लगने के बाद जापान ने पहली बार इस मुद्दे पर अधिकारिक टिप्पणी की।



जापानी विदेश मंत्रालय के टॉप अधिकारियों ने एक अंग्रेजी वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में कहा कि NSG में सदस्या को संभव बनाने के लिए भारत के साथ लगातार काम कर रहे हैं। जापानी विदेश मंत्रालय में प्रेस ऐंड पब्लिक डिप्लोमेसी के महानिदेशक यासुकिरा कावमोरा ने कहा, 'हम इस मुद्दे पर भारत के साथ काम करते रहना चाहते हैं क्योंकि हमें लगता है कि भारत की सदस्यता से परमाणु अप्रसार व्यवस्था को बल मिलेगा।' उन्होंने कहा कि जापान एनएसजी के दूसरे सदस्य देशों के साथ इस मुद्दे पर लगातार बातचीत करता रहेगा।

कावमोरा ने कहा कि भारत की सदस्यता रोकने को लेकर चीन का व्यवहार से सभी वाकिफ हैं। उन्होंने कहा कि जापान इस मुद्दे पर एनएसजी के अंदर हुई बातचीत पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा, 'मूल मुद्दा आम राय बनाने को सुनिश्चित करना है और हम इस पर काम कर रहे हैं।' कावमोरा कुछ साल पहले दिल्ली में जापान के डेप्युटी चीफ ऑफ मिशन के रूप में भी काम कर चुके हैं।

जापानी विदेश मंत्रालय के एक और टॉप अधिकारी और साउथवेस्ट एशिया डिविजन में सीनियर रीजनल कॉर्डिनेटर मासायुकि तागा ने भी कहा कि भारत की सदस्यता से परमाणु अप्रसार को बढ़ावा देने में जापान को मदद मिलेगी। भारत की दावेदारी का समर्थन करते हुए भी जापान परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) को लेकर अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है और यहां तक कि कावमोरा ने कहा कि जापान 'सामान्य भावना' के साथ भारत को इस समझौते पर दस्तखत करने को कहता रहेगा। हालांकि, तोक्यो ने एनएसजी में एंट्री के लिए भारत की मदद की राह में उसके एनपीटी पर दस्तखत नहीं करनेवाले राष्ट्र के दर्जे को बाधक नहीं बनने दिया।

वहीं, पाकिस्तान की दावेदारी के बारे में पूछे जाने पर कावमोरा के साथ-साथ दूसरे अधिकारियों ने कहा कि कुछ दूसरे देशों के उलट भारत पहले ही निर्यात नियंत्रण व्यवस्था की मजबूती की कोशिश कर चुका है। उन्होंने कहा, 'कुछ देशों को और ज्यादा कोशिश करने की जरूरत है।' उन्होंने कहा कि परमाणु परीक्षण पर भारत की एकतरफा और स्वैच्छिक रोक ऐसी ही एक कोशिश है।

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