
Chinese fighter jets
चीन (China) और ताइवान (Taiwan) के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद खत्म होने की जगह बढ़ता ही जा रहा है। चीन की तरफ से ताइवान को दी जाने वाली धमकियों का सिलसिला भी जारी है। पिछले करीब दो साल में दोनों देशों में तनाव बढ़ा है। दोनों देशों के बीच चल रहे इस विवाद में ताइवान को अमेरिका (United States Of America) की तरफ से भी समर्थन मिलता है, जिससे चीन की नाराज़गी बढ़ी है। इस मामले में चीन भी पीछे नहीं हट रहा है और उसने ताइवान के आसपास अपनी गतिविधियाँ बढ़ा दी हैं।
ताइवान के रक्षा मंत्रालय की तरफ आज, शनिवार, 24 जनवरी को जानकारी दी गई कि उनके क्षेत्र के आसपास चीन के 26 फाइटर जेट्स और 6 जहाज देखे गए। ताइवान का रक्षा मंत्रालय पूरी स्थिति पर नज़र बनाए हुए है। पिछले दो साल में चीन ने कई बार ताइवान के एयरस्पेस और सीस्पेस का उल्लंघन किया है।
चाइनीज़ सेना की इन गतिविधियों से इस बात की अटकलें तेज़ हो गई हैं कि चीन जल्द ही ताइवान पर हमला कर सकता है। जब से रूस ने यूक्रेन पर हमला किया है, उसके बाद से इस बात की संभावना बढ़ गई है कि चीन भी ताइवान पर हमला करने की तैयारी कर रहा है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा है कि जब तक वह राष्ट्रपति हैं, तब तक चीन की तरफ से ताइवान पर हमला नहीं किया जाएगा। हालांकि इस बात की चीन ने पुष्टि नहीं की है और न ही चीन ने ऐसा कुछ कहा है कि वो ताइवान पर हमला करेगा या नहीं और करेगा, तो कब करेगा? हालांकि दोनों देशों के बीच स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है।
दरअसल चीन और ताइवान 1949 में एक-दूसरे से अलग हो गए थे। तभी से ताइवान अपना स्वतंत्र अस्तित्व मानता है और खुद को एक स्वतंत्र देश बताता है। दूसरे कई देश भी ताइवान को एक स्वतंत्र देश मानते हैं। वहीं चीन इसका विरोध करता है और ताइवान को अपना हिस्सा मानता है। दोनों देशों के बीच तनाव की यही वजह है।
Updated on:
24 Jan 2026 09:34 am
Published on:
24 Jan 2026 09:30 am
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