गिरजाघर नोट्रे डेम की मरम्मत के लिए जापान तैयार, पीएम शिंजो आबे ने कहा- हर संभव करेंगे मदद

गिरजाघर नोट्रे डेम की मरम्मत के लिए जापान तैयार, पीएम शिंजो आबे ने कहा- हर संभव करेंगे मदद

Anil Kumar | Publish: Apr, 16 2019 08:17:40 PM (IST) | Updated: Apr, 17 2019 09:31:24 AM (IST) एशिया

  • फ्रांस के एतिहासिक गिरजाघर नोट्रे डेम में भीषण आग लगी थी।
  • यह गिरजाघर 850 वर्ष पुराना है।
  • जापान ने गिरजाघर की मरम्मत के लिए फ्रांस को हर संभव मदद का दिया आश्वासन।

टोक्यो। जापान सरकार ने मंगलवार को यह घोषणा की है कि फ्रांस के सदियों पुराने गिरजाघर नोट्रे डेम की मरमत के लिए हर संभव मदद करेगा। बता दें कि सोमवार को पेरिस स्थित प्रतिष्ठित कैथोलिक चर्च मे भीषण आग लग गई थी जिसके कारण चर्च को काफी नुकसान पहुंचा है। इसको लेकर अधिकारियों व बड़ी-बड़ी हस्तियों ने दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन को एक संदेश भेजा है, जिसमें कहा है कि प्रसिद्ध चर्च में भीषण आग देखने के बाद वे हैरान रह गए। शिंजो आबे ने जापान विदेश मंत्रालय के बयान को उद्धृत करते हुए कहा कि इस दुख की समय में हमारा दिल आपके साथ है। आगे कहा कि यदि फ्रेंच सरकार की और से कोई मदद मांगी जाती है तो जापान सरकरा हर संभव मदद करने के लिए तैयार है।

फ्रांस: 850 साल पुराना गिरजाघर नोट्रे डेम आग से तबाह, मैक्रॉन ने दुख प्रकट किया

जापानी हस्तियों ने जताया दुख

जापान के कई हस्तियों ने इस मौके पर अपना दुख जाहिर किया है। पुरस्कार विजेता अभिनेत्री कीको किशी ने दुख जाहिर करते हुए बताया कि 1983 में फिल्म ‘The Makioka Sisters’ में उनकी पहचान एक पेरिस निवासी के तौैर की। गिरजाघर नोट्रे डेम पेरिस की पहचान है। मैं अक्सर सीन नदी के किनारे से चलते हुए गिरजाघर से होकर गुजरता था। इसके अलावा अभिनेता कांजी इशिमारु ने कहा कि मेरे जीवन में बतौर अभिनेता नोट्रे डेम गिरजाघर का महत्वपूर्ण योगदान है और मैं यहां पर कई बार गया हूं। उन्होंने आगे कहा कि चर्च में लगी भीषण आग का वीडियो देखकर बहुत बुरा लगा। आशा है कि बहुत जल्द ही निर्माण प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। क्योटो के मेयर ने शुभेच्छा भेजते हुए कहा है कि पेरिस व क्योटो 1958 से सिस्टर सिटी हैं। मालूम हो कि 2011 में जब जापान में भारी सुनामी आया था तब गिरजाघर नोट्रे डेम ने पीड़ितों की काफी सहायता की थी। यह चर्च पेरिस के सबसे प्रसिद्ध स्थलों में से एक है जो सीन नदी के किनारे एक छोटे से द्वीप पर स्थित है। यह चर्च 1345 में बनकर तैयार हुआ था जो बाद में 1789 की फ्रांसीसी क्रांति सहित कई एतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है। 1804 में नेपोनिलिय बोनापार्ट के राज्याभिषेक के दौरान बर्बरता के साथ इसे ध्वस्त कर दिया गया था लेकिन फिर बाद में इसकी मरम्मत कराई गई थी।

 

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