22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री का राजनीतिक करियर खत्म, खालिदा जिया अब नहीं लड़ पाएंगी चुनाव

अगले साल जनवरी होने वाले संभावित आम चुनाव में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया अपनी दावेदारी पेश नहीं कर पाएंगी।

2 min read
Google source verification

ढाकाः बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और विपक्षी नेता खालिदा जिया आने वाले आम चुनाव में अपनी दावेदारी पेश नहीं कर पाएंगी, क्योंकि उन्हें भ्रष्टाचार के दो अलग-अलग मामलों में कुल 17 साल कैद की सजा सुनाई गई है। बांग्लादेश में जनवरी में आम चुनाव हो सकते हैं, लेकिन इसके तारीख की घोषित नहीं की गई है। अटॉर्नी जनरल महबूबे आलम ने मंगलवार को कहा, "चूंकि अब वह दोषी करार दी गई हैं। इसलिए देश के मौजूदा कानून के अनुसार जब तक किसी शख्स की सजा में बदलाव नहीं होता या उसे बरी कर नहीं किया जाता, तब तक वह किसी भी चुनाव में भाग नहीं ले सकता। बांग्लादेश की अदालत ने मंगलवार को अनाथालय भ्रष्टाचार मामले में खालिदा की जेल की सजा पांच साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में विशेष अदालत ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख खालिदा जिया को जिया अनाथालय ट्रस्ट की करीब 2,00,000 डॉलर की राशि का गबन करने के मामले में पांच साल जेल की सजा सुनाई थी। खालिदा के बेटे तारिक रहमान और अन्य चार को भी 10 साल कैद की सजा सुनाई गई है। अटॉर्नी जनरल ने कहा, "भ्रष्टाचार रोधी आयोग (एसीसी) की खालिदा की सजा बढ़ाए जाने की अपील के बाद यह फैसला किया गया।"

इससे पहले सोमवार को खालिदा (73) को एक और भ्रष्टाचार मामले में सात साल कैद की सजा सुनाई गई थी। उन्हें जिया धर्मार्थ ट्रस्ट के लिए अज्ञात स्त्रोतों के जरिए बांग्लादेशी मुद्रा 3.15 करोड़ टका जुटाने के लिए अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करने का दोषी पाया गया था। वर्ष 1991-1996 और 2001-2006 तक बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं खालिदा अक्टूबर की शुरुआत से अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। खालिदा और उनके समर्थकों ने इन मामलों को राजनीति से प्रेरित बताया है और इसके लिए प्रधानमंत्री शेख हसीना की नेतृत्व वाली सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।