
कुआलालांपुर। मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक ने शनिवार से संसद भंग करने की घोषणा कर अगले आम चुनाव के लिए रास्ता साफ कर दिया है। करीब नौ साल सत्ता में रहने के बाद रजाक अगले आम चुनाव में अपनी किस्मत फिर आजमाएंगे। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, मंत्रिमंडल की विशेष बैठक के बाद टीवी पर दिए एक भाषण में नजीब ने कहा कि इसके लिए उन्होंने किंग सुल्तान मुहम्मद पांचवें से पहले ही अनुमति ले ली है।
यह है पुनर्मतदान का नियम
आम तौर पर, संसद भंग होने के दो महीने के अंदर आम चुनाव हो जाने चाहिए। हालांकि मलेशिया के चुनाव आयोग ने फिलहाल चुनाव तिथि घोषित नहीं की है। मलेशिया में 222 सदस्यीय दीवान रख्यत या लोकसभा के लिए चुनाव होंगे। मलेशिया के आजाद होने के बाद पिछले छह दशकों से यूनाइटेड मलेज नेशनल ऑर्गनाइजेशन (यूएमएनओ) सत्ताधारी बारिसन नेशनल (बीएन) गठबंधन के साथ सभी चुनाव जीतता आ रहा है। मलेशिया-चीन संघ और मलेशिया-भारत सम्मेलन इस गठबंधन के दो प्रमुख घटक हैं। साल 2013 में हुए पिछले आम चुनाव में बीएन ने 222 सीटों में से 133 सीटें जीतने में सफलता हासिल की थी। इस चुनाव में उन्हें विपक्ष ने अच्छी टक्कर दी थी।
फेक न्यूज पर बना था कानून
आपको बता दें कि हाल ही में मलेशियाई संसद ने फेक न्यूज पर एक कानून बनाया था, जिसके तहत अपुष्ट खबरें प्रसारित करने वाले को कारावास और आर्थिक जुर्माना दोनों की सजा सुनाई गई थी। उस दौरान ही विपक्ष ने आरोप लगाया था कि आम चुनाव से पहले अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाया जा रहा है। विपक्ष के सदस्यों और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री पर घोटालों से खुद को बचाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाने का आरोप लगाया था। हालांकि विपक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि इससे किसी तरह के आरोपों पर पर्दा डालने की कोशिश नहीं की जा रही है।
Updated on:
06 Apr 2018 08:41 pm
Published on:
06 Apr 2018 07:47 pm
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