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मालदीव का ‘चीनी प्रेम’, कहा- भारत भाई, लेकिन चीन बिछड़ा हुआ भाई

मालदीव ने कहा कि मालदीव वित्तपोषण के लिए कई परियोजनाएं भारत के पास ले गया, 'लेकिन हमें आवश्यक फंड नहीं मिला।'
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Prashant Kumar Jha

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Mar 24, 2018

india Maldives, Maldives china relation

बीजिंग: मालदीव ने चीन के साथ अपने संबंधों का खुलकर समर्थन किया है। चीन में मालदीव के राजदूत मोहम्मद फैजल ने कहा, "भारत हमारा भाई है लेकिन चीन उस भाई की तरह है जो वर्षों से बिछड़ा था और अभी जाकर मिला है।" उन्होंने कहा कि उनका देश भारत की चिंताओं के बावजूद चीन की परियोजनाओं के साथ आगे बढ़ने जा रहा है। फैजल ने कहा कि 'भारत एक परिवार में भाई की तरह है। हम झगड़ सकते हैं लेकिन विवाद को खत्म करने के लिए इसे हल करेंगे। उन्होंने दावा किया कि मालदीव वित्तपोषण के लिए कई परियोजनाएं भारत के पास ले गया, 'लेकिन हमें आवश्यक फंड नहीं मिला।'

चीन से मालदीव ले चुका है कर्ज

गौरतलब है कि चीन हिंद महासागर में में निर्माण कार्य कर रहा है। चीन मालदीव को यहां प्रमुख भागीदार मानता है और उसने वहां भारी निवेश किया है। चीन ने मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन का समर्थन किया है । फैजल ने कहा कि किसी भी तरह के सैन्य प्रतिष्ठानों या सैन्य उपक्रमों की इजाजत नहीं देने जा रहे हैं। चाहे वह चीन हो या फिर कोई और। गौरतलब है कि एक मालदीव चीन से काफी मात्रा में कर्ज ले चुका है। फैजल ने कहा कि उनके देश ने रियायती दर पर कुछ कर्ज लिया है क्योंकि उसका पर्यटन बाजार बढ़ा है।

मालदीव से आपातकाल हटा

मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने देश में स्थिति सामान्य होने का हवाला देते हुए गुरुवार को यहां 45 दिनों से लगे आपाताकाल को हटा दिया। समाचार एजेंसी के मुताबिक यामीन के कार्यालय के हवाले से कहा, 'सुरक्षा सेवाओं की सलाह और सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयास के मद्देनजर, राष्ट्रपति ने आपातकाल हटाने का फैसला किया है।' बता दें मालदीव में उस समय राजनीतिक संकट पैदा हो गया था, जब 1 फरवरी को सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद और 8 अन्य नेताओं को दोषी ठहराए जाने के फैसले को पलट दिया था। राष्ट्रपति यामीन ने कोर्ट के फैसले को मानने से इनकार करते हुए 15 दिन के लिए आपातकाल घोषित कर दिया था। इस दौरान कई नेताओं समेत मुख्य न्यायाधीश अब्दुल्ला सईद और एक अन्य न्यायाधीश को गिरफ्तार कर लिया गया।