
म्यांमार की जेल में बंद रायटर्स पत्रकारों की अपील खारिज, अदालत ने बरकरार रखी सजा
यंगून। म्यांमार की एक अदालत ने देश के आधिकारिक राज अधिनियम का उल्लंघन करने के लिए दोषी ठहराए गए दो रायटर्स पत्रकारों की अपील को खारिज कर दिया है। अदालत ने पत्रकारों को सात साल की जेल की शर्तों को बनाए रखा है। पत्रकारों को यह सजा पिछले साल सुनाई गई थी।
पत्रकारों की सजा बरकरार
न्यायाधीश आंग निंग ने शुक्रवार को कहा कि वा लोन और क्यो सो ओ ओ नामक दोनों 'आरोपियों' के वकील अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत प्रस्तुत करने में विफल रहे। इन दोनों को सरकारी दस्तावेजों को अपने कब्जे में रखने के लिए दोषी ठहराया गया था। उन्हें देश के मुख्य शहर यंगून में 12 दिसंबर, 2017 को गिरफ्तार किया गया था। अदालत के आदेश तुरंत बाद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस बारे में पत्रकारों और उनके समर्थकों का कहना है कि म्यांमार के रखाइन राज्य में अल्पसंख्यक रोहिंग्या मुसलमानों पर सुरक्षा बलों द्वारा क्रूर हमले की रिपोर्टिंग पर आधिकारिक नाराजगी के कारण उन्हें पुलिस द्वारा फंसाया गया था। बता दें कि म्यांमार के रखाइन राज्य में बीते कई महीनों से रोहिंग्या मुसलमानों पर भारी अत्याचार किये जाने का आरोप लग रहा है।
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Updated on:
11 Jan 2019 02:39 pm
Published on:
11 Jan 2019 02:38 pm

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