
नेपाल ने दिया भारत को झटका, चीन से किस इस तरह बढ़ाईं नजनीकियां
नई दिल्ली। भारत के पड़ोसी देश नेपाल का चीन की तरफ झुकाव बढ़ता रहा है। यहां की सरकार में शामिल नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) चीन से अपने संबंध मजबूत कर रही है। यह भारत के लिए चिंता का विषय है। बीते सप्ताह दो अहम घटनाओं से साफ पता चलता है कि नेपाल चीन की महत्वाकांक्षी योजना बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) में शामिल होना चाहता है।
भारत पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश
दरअसल नेपाल चीनी रास्तों और बंदरगाहों का इस्तेमाल कर भारत पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश में जुटा है। नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने अप्रैल में आयोजित हुई बेल्ट ऐंड रोड की दूसरी बैठक में हिस्सा लिया था। बैठक के बाद दोनों देशों के साझा बयान में नेपाल-चीन ट्रांस हिमायलय कनेक्टिविटी नेटवर्क, नेपाल-चीन क्रॉस बॉर्डर रेलवे समेत महत्वपूर्ण योजनाओं का जिक्र था।
महत्वकांक्षी परियोेजनाओं में शामिल होने
पिछले सप्ताह हुई दो अहम घटनाओं से साफ हो जाता है कि नेपाल चीन की महत्वाकांक्षी योजना बेल्ट ऐंड रोड इनिशिएटिव (BRI) में शामिल होना चाहता है। नेपाल चीनी रास्तों और बंदरगाहों का इस्तेमाल कर भारत पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है। बेल्ट ऐंड रोड इनिशिएटिव में काठमांडू रेलवे के अपवाद को छोड़कर योजनाओं के चुनाव में थोड़ी देरी हो रही है लेकिन नेपाल चीन की इस योजना को लेकर बहुत ही उत्सुक दिखाई दे रहा है।
जांच करने के लिए एक सर्वे करा है
केयुंग से काठमांडू रेलवे की जांच करने के लिए एक सर्वे करा है। अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाए जाने की तैयारी है। इस परियोजन में करीब 35 अरब नेपाली रुपए लगेंगे। डीपीआर के तहत लागत अभी तय नहीं हो पाई है। रेलवे परियोजना पर दोनों देशों के बीच अगले महीने एक वार्ता भी प्रस्तावित है।
Updated on:
10 May 2019 07:23 pm
Published on:
10 May 2019 01:47 pm
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