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Nepal ने भारत पर लगाया Coronavirus फैलाने का आरोप, 90 प्रतिशत मामले प्रवासी श्रमिकों से आए

Highlights नेपाल (Nepal) में इस समय कोरोना संक्रमितों की संख्या 9,026 तक पहुंच चुकी है, वहीं मरने वालों की संख्या 23 पहुंच चुकी है। नेपाल की संसद में नागरिकता कानून (Nepal Citizenship Bill) में संशोधन के बिल को पारित किया

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नेपाल में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े।

काठमांडू। नेपाल (Nepal) ने एक बार फिर भारत को देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) फैलाने का दोषी माना है। उसका कहना है कि 90 प्रतिशत मामले भारत से ही नेपाल में आए है। गौरतलब है कि नेपाल में इस समय कोरोना संक्रमितों की संख्या 9,026 तक पहुंच चुकी है। इसमें से 1,772 मामले रिक्वर्ड हो चुके हैं। वहीं मरने वालों की संख्या 23 है। नेपाल ने कहा कि देश में कोरोना भारत से लौटे प्रवासी श्रमिकों के कारण फैल रहा है।

नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश के 77 जिलों में से 75 में कोविड-19 का संक्रमण फैल चुका है। महामारी विज्ञान विभाग के निदेशक डॉ बासुदेव पांडेय के अनुसार नेपाल में कोविड—19 संक्रमण के 90 फीसदी मामले विदेश से लौटे प्रवासी श्रमिकों के हैं, इनमें से अधिकतर भारत से वापस आए लोग हैं।

उधर नेपाल की संसद में नागरिकता कानून (Nepal Citizenship Bill) में संशोधन के सत्तारुढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के प्रस्ताव को बहुमत से पारित कर दिया है। इस नए प्रस्ताव के तहत नेपाली पुरुषों के साथ विवाह करने वाली विदेशी महिलाओं को शादी के बाद नेपाल की नागरिगता पाने के लिए सात साल तक लंबा इंतजार करना होगा।

नागरिकता कानून से बढ़ेगी परेशानी

गौरतलब है कि नेपाल के नए नागरिकता कानून प्रस्ताव को लेकर नेपाली पुरुषों के साथ विवाह करने वाली विदेशी महिलाओं जिनमें अधिकतर भारतीय होती हैं, उनको शादी के बाद नेपाल की नागरिकता पाने में सात साल का समय लग जाएगा। समिति से अधिकतर सदस्यों ने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है लेकिन देश की मुख्य विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस और कुछ अन्य पार्टियों ने इस विवादित संशोधन प्रस्ताव का विरोध किया है।

सत्तारुढ़ नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं का तर्क है कि इससे भारत को भी ऐतराज नहीं करना चाहिए। क्योंकि वहां भी भारतीय पुरुष से शादी करने वाली विदेशी महिला को क़ानूनी तौर पर नागरिकता का अधिकार पाने के लिए सात साल का लंबा समय लगता है।

नेपाल में भी हो रहा विरोध

उधर नेपाल की मुख्य विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस नेता बिमलेन्द्र निधि विदेशी महिलाओं को लंबे इंतज़ार के बाद नागरिकता देने के इस नए प्रस्ताव का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकता क़ानून 2006 में इस संबंध में उचित प्रावधान हैं, जिसे बदलने की जरूरत नहीं है। इससे दोनों देशों के बीच मतभेद होने की संभावना होगी।