
लाहौर। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से गिलगित-बाल्टिस्तान को अस्थायी प्रांत का दर्जा देने की घोषणा के बाद भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पाक जबरन कब्जा किए गए भारतीय भूभाग में किसी भी बदलाव को भारत खारिज कर सकता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव के अनुसार गिलगित बाल्टिस्तान सहित केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पाक इन क्षेत्रों का दर्जा बदलने की बजाय अवैध कब्जे को तुरंत खाली करे।
सात दशक से अत्याचारों का सामना करना पड़ रहा है
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार 1947 में जम्मू-कश्मीर के भारत संघ में वैध,पूर्ण और विलय की वजह से पाक सरकार का जबरन कब्जाए गए। अवैध कब्जे को लेकर पाकिस्तान की ओर से इस तरह के प्रयास हो रहे हैं। यहां रह रहे लोगों को बीते सात दशक से अत्याचारों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। इसे छिपाने की कोशिश की जा रही है। प्रवक्ता के अनुसार भारतीय क्षेत्रों का दर्जा बदलने की बजाय तुरंत अवैध कब्जे को खाली किया जाए।
Updated on:
01 Nov 2020 11:14 pm
Published on:
01 Nov 2020 09:26 pm

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