
पाकिस्तान में गेहूं की किल्लत बनी हुई है।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) में गेहूं की बढ़ती कीमतों ने हाहाकार मचा रखा है। यहां पर इस समय 75 रुपये किलो के रेट में आटा मिल रहा है। इसके अलावा सिंध और कई अन्य प्रांतों में लोगों को दुकानों पर आटा (Flour) नहीं मिल रहा है। लोगों को लंबी-लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है। एक शख्स को तीन दिन तक दौड़ने के बाद भी आटा नहीं मिला। इससे वह दुखी होकर फूट-फूटकर रोने लगा। ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
देश में आटे की भारी किल्लत को लेकर विपक्षी दल गुजरांवाला में सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्ष की चेतावनी के बाद अब इमरान सरकार हरकत में आई है। इमरान सरकार ने मंगलवार को देश में बढ़ती महंगाई और खाद्य समस्या पर नियंत्रण को लेकर एक व्यापक योजना को स्वीकृति दी। यही नहीं इस संबंध में पाकिस्तान के पीएम और राष्ट्रपति कार्यालय में एक कैंप ऑफिस का गठन भी किया।
सिंध में एक रोटी 15 रुपये की
इस संकट के कारण लोगों के लिए रोटी खाना मुश्किल हो चुका है। इसकी गंभीरता का अंजादा इससे लगाया जा सकता है कि लगातार दूसरे दिन पाकिस्तानी कैबिनेट की बैठक महंगाई और खाद्यान संकट को लेकर चर्चा हुई है। उधर, इमरान सरकार ने इस संकट के लिए सिंध की सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। सिंध में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की सरकार शासन चला रही है। इमरान सरकार के अनुसार सिंध में आटा 75 रूपये किलो बिक रहा है। यही नहीं पाकिस्तान में एक रोटी 15 रुपये की बिक रही है।
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। इसमें एक शख्स रोटी न मिलने के कारण रो पड़ा। उसने बताया कि वह बीते तीन दिनों से आटे की वजह से भूखा है और वह बच्चों के लिए कई दिनों से आटे के लिए दौड़ रहा है। मगर उसे आटा नहीं मिल रहा है। यहां पर 14 से 15 रुपये की रोटियां मिल रही हैं। उसका कहना कि इतना पैसा वह नहीं खर्च कर सकता है। उन्होंने कहा कि वे सूखी रोटी भी खाने को तैयार हैं लेकिन वह भी नहीं मिल रही है।
गौरतलब है कि पाकिस्तान में गेहूं की कीमतों ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यहां पर सबसे ज्यादा 2400 रुपये प्रति 40 किलो की कीमत गेहूं बिक रहा है यानी 60 रुपये में एक किलो तक कीमत पहुंच गई है। इसके साथ देश की सरकार के महंगाई पर काबू पाने की कोशिशों के असफल होने के इशारे मिल रहे हैं। बीते दिसंबर से देश हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं। उस समय गेहूं की कीमत 2000 रुपये प्रति 40 किलो पर पहुंच गई थी। इस साल अक्टूबर में ही यह रिकॉर्ड टूट गया।
Updated on:
14 Oct 2020 04:14 pm
Published on:
14 Oct 2020 03:51 pm
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