
नई दिल्ली। कश्मीर में धारा 370 के हटने के विरोध में पाकिस्तान लगातार समर्थन जुटाने में लगा हुआ है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए परिस्थिति अनुकूल नहीं है। उसे चीन को छोड़कर किसी भी देश का साथ नहीं मिल रहा है। अब उसने अफगानिस्तान का दरवाजा खटखटाया है। रविवार को इमरान खान ने ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी से बातचीत की और कश्मीर मुद्दे को लेकर उनका समर्थन मांगा है।पाकिस्तान चाहता है कि एशिया के अधिकतर देश उसके पक्ष में बातचीत करें ताकि यूएन में उसका दबदबा बन सके। खासकर वह सभी मुस्लिम मुल्कों को अपनी तरफ करना चाहता है।
गौरतलब है कि खान बीते एक सप्ताह से कश्मीर मामले पर दुनिया के विभिन्न देशों के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। भारत ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली धारा 370 के ज्यादातर प्रावधानों को पांच अगस्त को समाप्त कर दिया और राज्य को दो केन्द्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख में बांट दिया।
इससे बौखलाए पाक ने भारत के साथ राजनयिक संबंधों का दर्जा घटा दिया है। उच्चायुक्त अजय बिसारिया के साथ कई राजनयिकों को वापस भेज दिया गया है। व्यापार संबंध खत्म कर दिए गए हैं। बीते एक हफ्ते में खान ने कश्मीर मुद्दे को लेकर ब्रिटेन और मलेशिया के प्रधानमंत्री, तुर्की के राष्ट्रपति, सऊदी अरब के वली अहद और बहरीन के शाह से भी बातचीत कर चुके हैं। मगर हर तरफ उन्हें कोई खास सफलता हाथ नहीं लगी है।
विश्व से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर ..
Updated on:
12 Aug 2019 01:15 pm
Published on:
12 Aug 2019 08:01 am

बड़ी खबरें
View Allएशिया
विदेश
ट्रेंडिंग
