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200 महिला डॉक्टरों और नर्सों को करता था ब्लैकमेल, पाकिस्तानी को मिली सबसे बड़ी सजा

इस साइबर अपराधी को यह सजा एक आतंकवाद रोधी अदालत ने सुनाई है

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Mohit Saxena

Jan 11, 2019

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नई दिल्ली। पाकिस्तान की अदालत ने एक शख्स को ब्लैकमेलिंग के मामले में 24 साल कैद की सजा सुनाई है। उसने करीब 200 महिला डाक्टरों और नर्सों को उनके सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए ब्लैकमेल का दोषी पाया गया है। इस साइबर अपराधी को यह सजा एक आतंकवाद रोधी अदालत ने सुनाई है। उस पर आरोप है कि वह महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर करने की धमकी देकर उनसे पैसे ऐंठता था। पाकिस्तान के इतिहास में सोशल मीडिया अपराध से जुड़े जुर्म में यह अभी तक सबसे बड़ी सजा है। लाहौर की आतंकवाद रोधी अदालत के न्यायाधीश सज्जाद अहमद ने अब्दुल वहाब पर सात लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

अलग-अलग धारों के तहत यह जुर्माना तय किया

न्यायाधीश ने वाहब पर अलग-अलग धारों के तहत यह जुर्माना तय किया है। वाहब को 14 साल की जेल और 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा, उस पर सात साल की कैद की सजा और एक लाख रुपये की अलग से पैनाल्टी लगाई है। इसके साथ उसे तीन साल की जेल की सजा और एक लाख रुपये की सजा दी गई है। अदालत ने कहा कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

2015 में गिरफ्तार किया गया था

साल 2015 में यह मामला सामने आया था कि लाहौर के सरकारी शिक्षण अस्पताल की महिला डॉक्टर और नर्सों समेत करीब 200 महिलाओं का उसने उत्पीड़न किया था या उन्हें ब्लैकमेल किया। इसके बाद पंजाब के लय्याह जिले के निवासी वहाब को नरन से 2015 में गिरफ्तार किया गया था। दोषी ने खुद को ‘मिलिट्री इंटेलिजेंस' विभाग का एक अधिकारी बताया और महिलाओं को उनकी आपत्तिजनक तस्वीरों को उनके फेसबुक अकांउट पर डालने की धमकी देकर उनसे पैसे ऐंठे थे।

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