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असद दुर्रानी को मिलने लगी सच बोलने की सजा, पाकिस्तान से बाहर जाने पर लगी रोक

असद दुर्रानी पर विवादित किताब 'द स्पाई क्रॉनिकल्स' को लेकर पाबंदियां लगनी शुरू हो गई हैं

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असद दुर्रानी को मिलने लगी सच बोलने की सजा, पाकिस्तान से बाहर जाने पर लगी रोक

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी इंटर-सर्विस इंटेलिजेंस यानी आईएसआई के पूर्व प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल असद दुर्रानी को सच बोलना महंगा पड़ गया है। उनपर विवादित किताब 'द स्पाई क्रॉनिकल्स' को लेकर पाबंदियां लगनी शुरू हो गई हैं। प्रमुख असद दुर्रानी के देश छोड़ने पर पाक ने प्रतिबंध लगा दिया। पाक सेना की की अनुशंसा पर गृह मंत्रालय ने मंगलवार को दुर्रानी का नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्ट (ईसीएल) में डाल दिया था। अब बिना इजाजत के वो पाकिस्तान से बाहर नहीं जा पाएंगे। बता दें कि सोमवार को ही पाक सेना ने दुर्रानी के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। उन पर पाक सेना की आचार संहिता के उल्लंघन करने का आरोप है। सोमवार को दुर्रानी को सेना मुख्यालय में स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया गया था। सेना ने दुर्रानी के खिलाफ अब कोर्ट ऑफ़ इनक्वायरी का गठन किया है। बता दें कि पाक सेना ने दुर्रानी को 20 मई को भी समन भेजा था। इसमें कहा गया था कि दुर्रानी ने जो किया, उसे सेना की आचार संहिता का उल्लंघन माना जा सकता है। यह सभी मौजूदा और रिटायर्ड सेना अधिकारियों पर लागू होता है।

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क्या है विवाद?

आईएसआई के पूर्व प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल असद दुर्रानी ने भारत की खुफ़िया एजेंसी रॉ (रिसर्च एंड एनलिसिस विंग) के पूर्व प्रमुख अमरजीत सिंह दुलत के साथ मिलकर एक किताब लिखी है। इस किताब का नाम है'द स्पाई क्रॉनिकल्स'। इस किताब में कई विवादित उल्लेख हैं जिसे लेकर पाक सरकार ने आपत्ति जताई है। किताब में भारत-पाकिस्तान के कई मुद्दे जैसे करगिल ऑपरेशन, ओसामा बिन लादेन को मारने वाले ऑपरेशन, भारतीय नेवी के पूर्व अफसर कुलभूषण जाधव की गिरफ्तारी, आतंकी हाफिज सईद और बुरहान वानी का जिक्र किया गया है। बता दें कि किताब में दुर्रानी ने दावा है कि एबटाबाद में लादेन के खात्मे के वक्त तब के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी मौजूद थे। इसके लिए अमरीकी और पाकिस्तान सरकार के बीच समझौता हुआ था।