
नवाज शरीफ की बढ़ी मुश्किलें, पीएमएल-एन से 'एन' को हटाने के लिए कोर्ट में याचिका
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार के लिए दोषी ठहराए जाने के बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) से उनका नाम हटाने की मांग करते हुए एक वकील ने पेशावर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, खानजादा अजमल जेब ने याचिका दाखिल करते हुए अदालत से आग्रह किया कि वह निर्वाचन आयोग से पार्टी के नाम से 'एन' हटाने को कहे। याचिका में मुख्य चुनाव अधिकारी, चुनाव आयोग के सचिव और नवाज शरीफ को उत्तरादाता बनाया गया है।
अजमल जेब ने दिया कोर्ट में यह तर्क
याचिकाकर्ता खानजादा अजमल जेब ने कहा कि काएद-ए-आजम मोहम्मद अली जिन्ना मुस्लिम लीग के प्रमुख थे। वह चाहते थे कि पार्टी अच्छे शासन, विकास और राष्ट्रीय हित का चिन्ह हो। लेकिन याचिकाकर्ता ने पीएमएल के विभाजन के लिए शरीफ को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि शरीफ ने अपने गुट पीएमएल-एन का गठन करने से पहले पार्टी को हाईजैक कर लिया और इसे चुनाव आयोग में पंजीकृत करा दिया। जेब ने कहा, "शरीफ ने पीएमएल-एन नाम का प्रयोग कर जनता को बड़े पैमाने पर गुमराह किया है। इसलिए पार्टी के नाम से 'एन' को हटाए जाने की जरूरत है।" शरीफ भ्रष्टाचार मामले में 10 साल जेल की सजा काट रहे हैं।
जुलाई 2017 में दर्ज हुआ था मामला
पनामा पेपर मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जुलाई 2017 में दिए गए आदेश के बाद शरीफ और उनके बेटों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए गए थे। मामला सामना आने के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को इस्तीफा देना पड़ा था। इस मामले में नवाज शरीफ को 10 साल और बेटी मरियम को सात साल की सजा हुई है। इस समय नवाज शरीफ अपनी बेटी मरियम के साथ जेल में सजा काट रहे हैं।
Published on:
07 Aug 2018 09:07 pm
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