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PoK कार्यकर्ता ने खोली पाकिस्तान के साजिश की पोल, कहा- कश्मीर में बड़े आतंकी घुसपैठ की है योजना

पीओके के कार्यकर्ता ने पाकिस्तान के खतरनाक इरादों से उठाया पर्दा कई दशकों से कश्मीर में दहशत फैला रहा है पाकिस्तान: पीओके कार्यकर्ता
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नई दिल्ली

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Shweta Singh

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Updated: 24 Aug 2019, 12:52 PM IST

kashmir file photo

मुजफ्फराबाद। आतंकियों के सबसे मददगार देश पाकिस्तान की पोल एक बार फिर दुनिया के सामने खुल गई है। इस बार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के एक राजनीतिक कार्यकर्ता ने दुनिया के सामने पाक का आतंकी चेहरा रखते हुए उसकी निंदा की है। कार्यकर्ता ने बताया कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने की फिराक में है। जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट (JKLF) के नेता सरदार साघीर ने स्थानीय पत्रकार से बातचीत में यह खुलासा किया है।

कश्मीर की लड़ाई में हमेशा रूकावट बना पाकिस्तान

साघीर ने बताया कि पाकिस्तान अपने एजेंडे के तहत बीते कई दशक से घाटी में आतंकवाद बढ़ाने का इस्तेमाल किया। साघीर के मुताबिक, 'कश्मीर की आजादी के स्वदेशी आंदोलन को तोड़ने के लिए 1947 में पश्तून आदिवासी सेना भेजी गई थी। इसके बाद 1980 दशक के आखिर में जब एक बार फिर जम्मू-कश्मीर निवासियों ने एक और कोशिश की। इससे घबराए पाक ने 1989 में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन और जमात-उद-दावा का गठन करके उस कैंपेन को हाईजैक कर लिया।'

PoK के मुखर कार्यकर्ता हैं साघीर

कार्यकर्ता ने आगे बताया, 'इन दो संगठनों के बाद हाफिज सईद के लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उ-दावा आए। इन्हें भी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने भेजा था। इन लोगों ने शांतिपूर्ण चल रहे संघर्ष को क्षति पहुंचाई। इसका परिणाम ये हुआ कि अब विश्व समुदाय इसे आतंकी गतिविधि की तरह देख रहा है।' आपको बता दें कि जिस PoK में लोग उत्पीड़न और आतंकवाद से परेशान हैं, साघीर वहां के मुखर कार्यकर्ता के रूप में देखे जाते हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दबाव के बाद पाक का डबल गेम

साघीर ने इस राज से भी पर्दा उठाया कि 9/11 घटना के बाद जब पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने आतंकियों पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाया तो लश्कर-ए-तैयबा को छोड़ उसने मौलाना मसूद अजहर के जैश-ए-मोहम्मद का प्रचार करना शुरू कर दिया।'

साघीर ने इस राज से भी पर्दा उठाया कि 9/11 घटना के बाद जब पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने आतंकियों पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाया तो लश्कर-ए-तैयबा को छोड़ उसने मौलाना मसूद अजहर के जैश-ए-मोहम्मद का प्रचार करना शुरू कर दिया।'

इमरान खान ने भी कबूली थी पाक में आतंकी होने की बात

आपको बता दें कि अपने अमरीका यात्रा के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी ये स्वीकारा था उनके देश में करीब तीस से चालीस हजार आतंकी हैं। इन्हें कश्मीर और अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके आगे कार्यकर्ता ने बताय पाक PoK को लॉन्चपैड की तरह इस्तेमाल कर रहा है। यहीं से कश्मीर में आतंकियों की घुसपैठ कराई जाती है। फिलहाल जैश बड़े पैमाने पर भारत में घुसपैठी करने की योजना में है।'

कार्यकर्ता ने कहा कि दुनिया का ध्यान इस वक्त कश्मीर घाटी पर है। लेकिन पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी पूरी कोशिश कर रही है कि दुनिया का ध्यान यहां से हटे।