नई दिल्ली. बलूच कार्यकर्ता मुहम्मद जवाद और अब्दुल नवाज बुगती ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में बलूचिस्तान में पाकिस्तान द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन और पाकिस्तान द्वारा किए गए राज्य आतंकवाद का मुद्दा उठाया। इस अवसर का लाभ उठाते हुए बुगती ने कहा कि बलूचिस्तान के महिलाओं और बच्चों के खिलाफ पाकिस्तान का अत्याचार जारी है। वहां पर राज्य समर्थित आतंकवाद का दौर है। किसी को कुछ भी बोलने का अधिकार नहीं है। बोलने वाले की हत्याएं वहां पर आम बात है। बुगती ने कहा कि बलूच भरपूर प्रकृतिक संसाधनों के बावजूद आज भी पत्थर युग में रहने को विवश हैं। उन्होंने कहा कि वहां से 3 00,000 लोग पलायन कर चुके हैं। अत्याचार और बलूचिस्तान में लोगों की हत्याएं एक आम बात हो गई हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र को इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों की स्थिति की जांच करने की अपील की। एक अन्य बलूच कार्यकर्ता मुहम्मद जवाद ने इसी तरह की भावनाओं को दोहराया।