
नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने संविधान संशोधन की बात को एक बार फिर से दौहराया है। अपनी प्रतिबद्धता को दौरहाते हुए शिंजो आबे ने संविधान संशोधन पर आगे बढ़ने पर जोर दिया।
बता दें कि शिंजो आबे अपने एक करीबी को कम दाम पर सरकारी जमीन बेचने के मामले में विवादों में फंसे हैं। विपक्ष ने प्रधानमंत्री शिंजो आबे पर आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी आकी ने इस जमीन बिक्री के मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भ्रष्टाचार से जुड़ा यह मामला तब और अधिक व्यापक तौर पर सामने आया जब वित्त मंत्रालय के अधिकारी ने स्वीकार किया कि सरकारी जमीन की बिक्री से जुड़े दस्तावेजों से छेड़छाड़ की गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री शिंजो आबे और उनकी पत्नी आकी तथा इससे जुड़े अन्य राजनीतिक हस्तियों के नाम का जिक्र हटाया गया है।
शिंजो पर सरकारी जमीन बेचने का है आरोप
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने इस कथित भ्रष्टाचार के आरोप को नकारते हुए लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी की वार्षिक बैठक में कहा कि जो कुछ हुआ उसकी मैं गहन जांच कराऊंगा और पूरी तस्वीर पेश करूंगा। हालांकि विपक्ष और अन्य प्रदर्शनकारियों ने आबे और उनकी पत्नी के खिलाफ देश भर में रैली की है। बता दें कि शिंजो आबे पर अपने एक करीबी को कम दाम पर सरकारी जमीन बेचने का आरोप है।
गौरतलब है कि 2012 के अंत में सत्ता में वापसी करने के बाद से उनकी लोकप्रियता में कमी आई है, खासकर इस भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद उनकी लोकप्रियता की रेटिंग सबसे निम्नतर स्तर पर पहुंच गई है। हालांकि इससे बेफिक्र उन्होंने कहा कि वह दूसरे विश्व युद्ध के बाद पराजित जापान पर अमरीका द्वारा थोपे गए संविधान को बदलने के लिए प्रतिबद्ध हूं। बता दें कि द्वितीय विश्व युद्ध में हार के बाद अमरीका ने जापान के ऊपर कुछ पाबंदियां लगा दी थी। इस नियम के मुताबिक जापान अपनी सेना नहीं रख सकता है। हालांकि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे अपने पड़ोसी देशों के द्वारा लगातार सीमा क्षेत्र के उल्लंघन मामले को देखते हुए संविधान में संशोधन करने की बात कह रहे हैं। संविधान संशोधन के बाद जापान अपनी सेना रख सकेगा। हूं।
Published on:
25 Mar 2018 08:05 pm
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