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Singapore: सत्तारूढ़ पीपुल्स एक्शन पार्टी के हाथ दोबारा सत्ता की कमान, 61 प्रतिशत वोट हासिल किए

Highlights मुख्य विपक्षी श्रमिक पार्टी (WP) ने 10 सीटों पर जीत हासिल कर पहली बार रिकॉर्ड कायम किया है, कुछ मतदान केंद्रों पर सुबह से लंबी कतारें देखी गईं 2015 के चुनावों (Election) में अपने 69.9 फीसदी हिस्से से 8.7 अंकों की बढ़त हासिल की, प्रधानमंत्री ली सियन लूंग (Lee Hsien Loong) के लिए यह चुनाव बड़ी परीक्षा थी।

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सत्तारूढ़ पीपुल्स एक्शन पार्टी ने दोबारा जीत हासिल की।

सिंगापुर। सिंगापुर (Singapore) की सत्तारूढ़ पीपुल्स एक्शन पार्टी (पीएपी) के हाथ दोबारा सत्ता की कमान चली गई है। शुक्रवार को हुए आम चुनाव में उसने जीत हासिल की है वहीं विपक्षी वर्कर्स पार्टी (डब्ल्यूपी) ने मात्र 10 सीटें ही जीतीं।

90 प्रतिशत सीटों पर जीत हासिल की

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीएपी अगली सरकार बनाने जा रही है। पार्टी ने 93 सीटों में से लगभग 90 प्रतिशत सीटों पर जीत हासिल की है। रिपोर्ट के अनुसार सत्तारूढ़ पार्टी (PAP) 1959 से सत्ता पर काबिज है। उसने 15 बहु-सीट वाले निर्वाचन क्षेत्रों और 13 सिंगल सीट वाले वार्डों पर शानदार जीत दर्ज की है। पार्टी को 61.24 प्रतिशत का मतदान हासिल हुआ है। मुख्य विपक्षी श्रमिक पार्टी (WP) ने 10 सीटों पर जीत हासिल कर पहली बार रिकॉर्ड कायम किया है।

पीएम ने कहा, ये अच्छा जनादेश

प्रधानमंत्री ली ह्सियन लूंग के अनुसार ठीक है, यह उतना मजबूत जनादेश नहीं है जितना मुझे उम्मीद थी, लेकिन यह एक अच्छा जनादेश है, मुझे लगता है कि 61 प्रतिशत वोट बहुत ही सम्मानजनक है।'

इतने प्रतिशत वोट मिले

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पीएपी ने 61.24 प्रतिशत वोट हासिल किए हैं। 2015 के चुनावों में अपने 69.9 फीसदी हिस्से से 8.7 अंकों की बढ़त हासिल की। सिंगापुर में मतदान को दो घंटे तक बढ़ा दिया गया, क्योंकि मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखने को मिली। लोग कोरोना वायरस महामारी के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए वोट डाल रहे थे। वहीं भीड़भाड़ कम करने को लेकर बीते चुनावों से मतदान केंद्रों की संख्या 880 से बढ़ाकर 1,100 कर दी गई थी।

इन चुनावों में सत्तारूढ़ पीपुल्स एक्शन पार्टी के एक बार फिर सत्ता में आने की संभावना बन गई थी। फिर भी, प्रधानमंत्री ली सियन लूंग (Lee Hsien Loong) के लिए यह चुनाव एक बड़ी परीक्षा माना जा रहा था। कोविड-19 संकट के दौरान अर्थव्यवस्था को संभालना उनके लिए एक बड़ी चुनौती रही थी। चुनाव विभाग (ईएलडी) के अनुसार मतदान के दौरान सुबह 65 साल और उससे अधिक उम्र के लोग मतदान किया। कुछ मतदान केंद्रों पर सुबह से लंबी कतारें देखी गईं। बता दें कि सिंगापुर में मतदान अनिवार्य है।

11 पॉलिटिकल पार्टियां चुनाव में उतरी थीं

वैश्विक महामारी कोविड-19 के प्रकोप के बीच सिंगापुर में शुक्रवार को नई सरकार के गठन के लिए लोगों ने मुंह पर मास्क और हाथों में दस्ताने पहनकर मतदान केंद्रों पर नजर आए। सत्ता में मौजूद पीपुल्स एक्शन पार्टी (पीएपी) समेत 11 पॉलिटिकल पार्टियां चुनाव में उतरी थीं। बीते 9 दिनों से सभी पार्टियां प्रचार कर रही थीं। प्रधानमंत्री ली ने बीते महीने तय तारीख से 10 महीने पहले ही चुनाव कराने की घोषणा की थी।