
कोलंबो। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक CAA के विरोध में विपक्षी दल लगातार आन्दोलन कर रहे हैं।
इसमें विपक्षी दलों की मांग है कि सरकार ने नए कानून में श्रीलंका , म्यांमार, नेपाल, मालदीव आदि पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों व मुसलमानों को भी शामिल करें।
दक्षिण भारत में तमाम विपक्षी दल मांग कर रहे हैं श्रीलंका से आए तमिल शर्णार्थियों को भी भारत की नागरिकता दी जाए। इस बीच डीएमके नेता एमके स्टालिन ने पीएम मोदी से एक और मांग की है।
इस बाबत उन्होंने एक ट्वीट भी किया है, जिसमें पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से गुहार लगाई गई है।
सिंघली भाषा में गाया जाएगा राष्ट्रगान
दरअसल, श्रीलंका अगले साल अपना 72वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा और उस दौरान सिंघली भाषा में राष्ट्रगान गाया जाएगा। इसको लेकर एमके स्टालिन ने पीएम मोदी से गुहार लगाई है और हस्तक्षेप करने की मांग की है।
स्टालिन ने इस बाबत शुक्रवार को एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा 'श्रीलंका की सरकार के द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रगान को सिर्फ सिंहली भाषा में गाने का फैसला लिया गया है।
सरकार के इस तरह का फैसला श्रीलंका में तमिल लोगों को किनारे करने का काम करेगा। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर से इस मामले में दखल देने की अपील करता हूं।’
आपको बता दें कि अगले साल 2020 में 4 फरवरी को श्रीलंका अपना 72वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस मौके पर कोलंबो के स्क्वायर पर बड़ा कार्यक्रम किया जाएगा। इस दौरान सिंघला भाषा में राष्ट्रगान गाया जाएगा। इसे लेकर पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन मिनिस्ट्री की ओर से एक आदेश जारी किया गया है।
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Published on:
27 Dec 2019 02:38 pm

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