
Taliban bans women staff in NGOs
15 अगस्त, 2021 को अफगानिस्तान (Afghanistan) में उथल-पुथल मच गई, जब आतंकी संगठन तालिबान (Taliban) ने देश में सरकार का तख्तापलट करते हुए सत्ता पर कब्ज़ा कर लिया। तालिबान के अफगानिस्तान में शासन पर आते ही पूरे देश की व्यवस्था बिगड़ गई। अफगानिस्तान में अर्थव्यवस्था, कानून व्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था के साथ सब कुछ चरमरा गया। लोगों को उनके मानवाधिकारों तक से दूर रखा जाने लगा। पर तालिबान का अफगानिस्तान में राज लौटने के बाद सबसे बुरा असर महिलाओं पर पड़ा। मानवाधिकारों के हनन के साथ ही महिलाओं पर कई तरह के बैन लगा दिए गए। हाल ही में तालिबान ने अफगान महिलाओं पर एक नया बैन लगा दिया है।
क्या है तालिबान का नया बैन?
तालिबान ने हाल ही में अफगान महिलाओं पर एक नया बैन लगाया है। इस बैन के तहत अब अफगान महिलाएँ देश के किसी भी एनजीओ में काम नहीं कर पाएंगी। रिपोर्ट के अनुसार अफगानिस्तान में करीब 1,260 एनजीओ हैं, जिनमें हज़ारों महिलाएँ काम करती हैं। ये एनजीओ देश के हेल्थकेयर, शिक्षा, सफाई और अन्य कई अहम मुद्दों पर काम करते हैं, जिनमें महिलाओं की भी अहम भूमिका होती है। पर अब तालिबान के बैन के बाद ये महिलाएँ एनजीओ में काम नहीं कर पाएंगी।
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तालिबान के शासन में महिलाओं की स्थिति बेहद खराब
तालिबान के शासन में अफगान महिलाओं की स्थिति बेहद ही खराब है। महिलाओं के स्कूल और कॉलेज जाने, नौकरी करने और अन्य कई गतिविधियों पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। कुछ मौकों पर अफगान महिलाओं ने इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किए, पर इसका भी कोई फायदा नहीं हुआ। कुछ महिलाओं का कहना है कि तालिबान के राज में उनका काम सिर्फ शादी करके परिवार को आगे बढ़ाना ही रह गया है। अफगान महिलाएँ देश में इस तरह की स्थिति से काफी परेशान हैं, पर इसको सुधारने के लिए कुछ करना उनके लिए नामुमकिन सा लगता है।
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Published on:
05 Jan 2023 12:57 pm

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