
पाकिस्तान: चुनाव में आतंकी उम्मीदवारों की उम्मीदवारों की भरमार, हाफिज सईद कर रहा है अगुवाई
इस्लामाबाद । जैसे-जैसे पाकिस्तान चुनाव की तारीखें नजदीक आ रही हैं, वैसे-वैसे वहां की राजनीति के नए नए रंग देखने को मिल रहे हैं। पाकिस्तान की चुनाव में ऐसे कई दल और ऐसे कई उम्मीदवार हैं जो बिना किसी पूर्व एजेंडे और किसी रणनीति की तहत चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे नेताओं में कई सारे धार्मिक कटट्र नेता शामिल हैं। इन नेताओं का चुनाव लड़ने का न तो कोई एजेंडा है न ही कोई ठोस नीति। इन नेताओं की सिर्फ एक योग्यता है, धार्मिक अतिवाद और भारत का विरोध। भारत को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ने वाले इन नेताओं की एक लम्बी सूची है जो पाकिस्तान चुनाव में शिरकत कर रही है।
अपराधी और आतंकी भी चुनाव मैदान में
पाकिस्तान में धार्मिक समुदाय के कुछ कटट्र नेता जो आतंकियों से निकट का संपर्क रखते हैं, वह भी चुनाव लड़ रहे हैं। नफरत फैलाने और सांप्रदायिक हिंसा के आरोपी कुछ अतिवादी नेता भी 25 जुलाई के चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने मैदान में हैं। मुंबई आतंकी हमले के सरगना हाफिज सईद की जमात उद दावा के उम्मीदवार भी पाकिस्तान ने चुनाव लड़ रहे हैं। धार्मिक रूप से कट्टर इन नेताओं का एकमात्र एजेंडा पाकिस्तान को इस्लामिक देश बनाना है।
कौन रोकेगा आतंकियों को
हरकत उल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा, जमात उद दावा, तहरीक ए लब्बाइक अदि संगठनों के तमाम सदस्य जो एक जमाने में आतंकी रह चुके हैं, इन चुनावों में किस्मत आजमा रहे हैं। लश्कर-ए-तैयबा की केंद्रीय परामर्श समिति का सदस्य और जमात उद दवा का वरिष्ठ नेता मुहम्मद शेख याकूब लाहौर से चुनाव लड़ रहा है। अहले सुन्नत वल जमात का औरंगजेब फारूकी पार्टी की अन्य शीर्ष नेताओं की साथ चुनाव मैदान में है। फारूकी के संगठन एएसडब्ल्यूजेड पर शिया अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत और हिंसा फैलाने का आरोप है।फारूकी का नाम पाकिस्तान की आतंकवाद निगरानी सूची में भी है लेकिन वह इसके बावजूद भी चुनाव लड़ रहा है और कोई उसे रोक नहीं पा रहा है।
Published on:
21 Jul 2018 12:24 pm

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