
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के कब्जे में मौजूद भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव की जान खतरे में है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता जनरल आसिफ गफूर ने कहा कि कुलभूषण जाधव की दया याचिका पर सुनवाई अपने अंतिम दौर में है। हम जल्द ही पाकिस्तान की आवाम को एक अच्छी खबर देंगे।
पाक बोले- हम नहीं करते फायरिंग
भारत-पाकिस्तान सीमा पर लगातर हो रही फायरिंग पर पाकिस्तान ने खुद को पाक साफ बताया। जनरल आसिफ गफूर ने कहा हमने कभी भारत पर पहले फायरिंग नहीं की है। सीमा पार हमारे कश्मीरी भाई हैं जिसके लिए हम फिक्रमंद हैं। इसके साथ ही गफूर ने कहा कि युद्द किसी भी समस्या का स्थाई हल नहीं है, इसलिए हम सभी स्तर पर भारत से बातचीत कर रहे हैं।
पाक ने जाधव पर लगाए झूठे आरोप
बता दें कि भारतीय नौसेना से रिटायर्ड अधिकारी कुलभूषण जाधव पाकिस्तान के कब्जे में हैं। उनपर पाकिस्तान की फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल ने पाक के खिलाफ रॉ के लिए जासूसी और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। इसी फर्जी आरोप के आधार पर अप्रैल में उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई थी। हालांकि भारत ने इस फैसले के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालत (ICJ) में अपील की थी, जिसपर सुनाई करते हुए अदालत ने रोक लगा दी थी।
इंटरनेशनल कोर्ट ने लगाई फांसी पर रोक
18 मई को भारत की अपील पर आईसीजे की 10 सदस्यों वाली खंडपीठ ने सुनावई। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि जाधव एक भारतीय नौसेना अधिकारी थे जो समय से पहले सेवानिवृत्त हुए, लेकिन उनका सरकार के साथ कोई संबंध नहीं था, लेकिन पाकिस्तान अपनी मनगढ़ंत काहनियों पर अड़ा रहा। लंबी बहस के बाद कोर्ट ने जाधव की फांसी की सजा पर अमल पर लोग लगाने को कहा। पाकिस्तान ने जावध को राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराने की अपील को कई बार ठुकरा चुका है। 46 वर्षीय जावध को पिछले साल मार्च में पाकिस्तान ने ईरान की सीमा से गलत तरीके से गिरफ्तार किया था।
Published on:
05 Oct 2017 09:52 pm
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