1 अगस्त 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

हाफिज सईद को UN से मिली राहत, इमरान की अर्जी पर अब कर पाएगा बैंक खातों का इस्तेमाल

हाफिज सईद के लिए पाकिस्तान की सरकार ने संयुक्त राष्ट्र में गुहार लगाई थी।
2 min read
Google source verification
hafiz-saeed2.jpg

इस्लामाबाद। वैश्विक आतंकी घोषित हो चुका लश्कर-ए-तैयबा का चीफ हाफिज सईद संयुक्त राष्ट्र (UN) से राहत पाने में कामयाब रहा है। दरअसल, पाकिस्तान की सरकार हाफिज सईद के लिए यूएन के सामने गिड़गिड़ाई थी, जिसके बाद यूएन से हाफिज को राहत मिल गई है। अब हाफिज सईद पाकिस्तान में अपने बैंक खातों से पैसों का लेनदेन कर सकेगा, जो अभी तक बैन किया हुआ था।

रोजमर्रा के खर्चों के लिए मांगी गई थी इजाजत

बताया जा रहा है कि पाकिस्तान में हाफिज के भूखे रहने के लाले पड़ गए थे, जिसके बाद पाकिस्तानी सरकार ने उसके लिए यूएन (UN) में गुहार लगाई। पाकिस्तान की गुहार पर संयुक्त राष्ट्र की समिति ने रोजमर्रा के खर्चों के लिए हाफिज सईद को अपने खाते का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है।

पाकिस्तान ने क्या लिखा था अर्जी में?

आपको बता दें कि पाकिस्तान सरकार ने यूएन में एक अर्जी दाखिल की थी, जिसमें लिखा था कि हाफिज सईद पर उसके परिवार की जिम्मेदारी है। वो अपने परिवार में शामिल कुल 4 सदस्यों का सभी तरह का खर्चा उठाता है। ऐसे एक गार्जियन होने के नाते उसे अपने परिवार के लिए खाने-पीने की चीजें और कपड़े खरीदने होते हैं। इसके लिए उसे अपने पैसे इस्तेमाल करने का हक दिया जाए। यूएन में पाकिस्तान की इस मांग को मान लिया गया है।

हाफिज पर भारत के फैसले का अमरीका ने भी किया था समर्थन

आपको बता दें कि मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद इससे पहले वैश्विक आतंकी घोषित हुआ था। इसी महीने की शुरुआत में भारत ने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून (UAPA) बिल के तहत मौलाना मसूद अजहर, हाफिज सईद के अलावा जकी उर रहमान लखवी और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम जैसे 4 बड़े आतंकियों को वांटेड आतंकी घोषित किया था। भारत के इस फैसले का अमरीका ने भी समर्थन किया था, लेकिन इसके बावजूद भी हाफिज सईद पाकिस्तान में खुली सांस ले रहा है। पाकिस्तान सरकार ने उसे कई तरह की सुविधाएं मुहैया करा रखी हैं। वहीं कुछ ही दिन पहले पाकिस्तानी सरकार ने हाफिज को गिरफ्तार भी किया था, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया।