28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Panchang: पंचांग 22 फरवरी: आज के शुभ मुहूर्त में शुरू करें काम, पर इस दिशा में जाने से बचें

Today Panchang 22 February 2026 : आज का पंचांग 22 फरवरी 2026: जानें तिथि, नक्षत्र, योग, चौघड़िया, राहुकाल, शुभ मुहूर्त, दिशा शूल और आज जन्मे बच्चों का भविष्य।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Manoj Vashisth

•

image

Pandit Mukesh Bhardwaj

•

Updated: 21 Feb 2026, 12:19 PM IST

Aaj Ka Panchang 22 February

Aaj Ka Panchang 22 February : आज का पंचांग 22 फरवरी 2026 (फोटो सोर्स: Patrika)

Aaj Ka Panchang 22 February 2026 : आज रविवार, 22 फरवरी 2026 है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। आज का दिन आध्यात्मिक और व्यावहारिक दोनों ही लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है। अगर आप आज कोई नया निवेश, खरीदारी या शुभ काम करने की सोच रहे हैं, तो रुकिए! पहले पंडित मुकेश भारद्वाज से सितारों की चाल समझ लेते हैं।

आज का पंचांग रविवार, 22 फरवरी, 2026 | Today Panchang 22 February 2026

  • विक्रम संवत् 2082
  • संवत्सर नाम – सिद्धार्थ
  • शक संवत् – 1947
  • हिजरी सन् – 1447
  • मु. मास – 4 रमजान
  • अयन – उत्तरायण
  • ऋतु – बसंत ऋतु
  • मास – फाल्गुन
  • पक्ष – शुक्ल

आज का चौघड़िया | Aaj Ke Shubh Muhurat

आज दिन में चर का चौघड़िया 8.26 से 9.51 तक रहेगा, लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 9.51 से 12.40 तक रहेंगे. शुभ का चौघड़िया 2.05 से 3.30 तक रहेगा. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।

दिशा शूल - आज पश्चिम दिशा में दिशा शूल रहेगा । इसलिए आज पश्चिम दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।

उपाय - यदि पश्चिम दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व शुद्ध घी अथवा शिखरन या खीर खाकर, जल से भरे कलश का शगुन लेकर यात्रा प्रारंभ करें।

राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 4.30 से 6.00 तक

उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो मिष्ठान्न का सेवन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।

तिथि – पंचमी तिथि दिन 11.10 तक होगी तदुपरान्त षष्ठी तिथि होगी ।

नक्षत्र – अश्विनी नक्षत्र सायं 5.55 तक होगा तदुपरान्त भरणी नक्षत्र होगा ।

योग – शुक्ल योग दिन 1.03 तक रहेगा तदुपरान्त ब्रह्म योग रहेगा ।

करण – बालव करण दिन 11.10 तक रहेगा तदुपरान्त कौलव करण रहेगा।

विशिष्ट योग – सर्वार्थसिद्धि योग सूर्योदय से सायं 5-55 तक, रवियोग सायं 5-55 से प्रारम्भ.

व्रत / दिवस विशेष – गंडमूल सायं 5-55 तक

चन्द्रमा – आज सम्पूर्ण दिन रात्रि मेष राशि में होगा ।

ग्रह का राशि /नक्षत्र परिवर्तन –

सप्ताह के व्रत-त्यौहार / दिवस विशेष

तारीखदिनप्रमुख ग्रह स्थितिव्रत / पर्व / उत्सवयोग / विशेष समय
23.02.2026सोमवारमंगल कुंभ में प्रवेश (11:50)गोरुपिणी छठ (बंगाल), गाडगे महाराज जयंतीरवियोग (04:34 तक)
24.02.2026मंगलवारनेपच्यून उत्तरा भाद्रपद चरण-2 (22:16)दुर्गाष्टमी, भौमाष्टमी, होलाष्टक प्रारंभ, दादूदयाल जयंती, अष्टाह्निका (जैन)भद्रा (07:03–17:58), त्रिपुष्कर, सर्वार्थसिद्धि, ज्वालामुखी योग
25.02.2026बुधवार—आनंदा नवमी, श्री हरि जयंती, बरसाना होली, रोहिणी व्रत (जैन)सर्वार्थसिद्धि योग (पूरे दिन), ज्वालामुखी (01:39 तक), रवियोग प्रारंभ
26.02.2026गुरुवारबुध वक्री कुंभ (12:17)नन्दगाँव होली, फागु दशमी, वीर सावरकर पुण्य दिवसरवियोग (पूरे दिन)
27.02.2026शुक्रवारबुध अस्त (03:59)आँवला एकादशी, रंगभरी ग्यारस, खाटू श्याम मेलाभद्रा (11:33–22:33), रवियोग, कुमार योग, सर्वार्थसिद्धि
28.02.2026शनिवार—गोविन्द द्वादशी, जयंती महा द्वादशी, राष्ट्रीय विज्ञान दिवसत्रिपुष्कर योग (09:35 तक)
01.03.2026रविवारशुक्र मीन में प्रवेश (00:57)प्रदोष व्रतरविपुष्य, सर्वार्थसिद्धि, गंडमूल, रवियोग

आज जन्म लेने वाले बच्चे

आज जन्म लेने वाले बच्चों की राशि मेष होगी ।
आज सायं 5.55 तक जन्म लेने वाले बच्चों का अश्विनी नक्षत्र होगा तदुपरान्त भरणी नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का स्वर्ण पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर चे, चो, ला, ली, लू, ले पर रखे जा सकते हैं।

मेष राशि अग्नि तत्त्व व क्षत्रिय स्वभाव राशि है। इसके स्वामी ग्रह मंगल हैं। इस राशि में जन्मे बच्चे दबंग, साहसी, कुटुंब का पालन करने वाले, कार्यारम्भ में रूचि रखने वाले, हमेशा सक्रिय, चुनौतियों को स्वीकार करने वाले, जुझारू और थोड़े जल्दबाज होते हैं। शारीरिक सौष्ठव को बनाये रखने के लिए सदा क्रियाशील रहते हैं। इनका शरीर स्वास्थ होता हैं। व्यवहार से साहसी व तेजस्वी होते हैं। इनकी स्मरण शक्ति तेज होती हैं। ऐसे जातक परोपकारी, कोमल स्वभाव, तेजस्वी, सुशील, सभी के चित को प्रसन्न करने वाले,साहसी, उधमी एवं परिश्रमी होते हैं। ये स्वतंत्र विचार वाले होते हैं। इनकी स्मरणशक्ति भी तेज़ होती हैं।