18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Astronomical Event: शाम को आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा, मिथुन तारामंडल के पास ‘पार्टी’

ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष चतुर्थी के दिन 23 मई की शाम अद्भुत खगोलीय घटना (Astronomical Event Today) घटने वाली है। मंगलवार को आसमान में मार्स, वीनस और मून का महामिलन होता नजर आएगा। यह खगोलीय घटना 24 मई को भी दिखेगी।

2 min read
Google source verification

image

Pravin Pandey

May 23, 2023

astronomy_11.jpg

आसमान में आज शाम को अद्भुत खगोलीय घटना

खगोलशास्त्रियों के अनुसार मंगलवार शाम आकाश में सूर्य अस्‍त होने के बाद पश्चिम दिशा में अद्भुत खगोलीय नजारा दिखने जा रहा है, जिसमें हंसियाकार चंद्रमा चमकते शुक्र और लाल ग्रह मंगल के बीच दिखता हुआ नजर आएगा। इससे मिथुन तारामंडल के तारों के साथ मेल मुलाकात सा दृश्य दिखेगा ।


आसमान में ऐसा दिखेगा नजारा
नेशनल अवॉर्ड प्राप्‍त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि सूर्यास्‍त के बाद सूर्य की लालिमा समाप्‍त होने के साथ ही हंसियाकार चंद्रमा नजर आने लगेगा। इसी के पास शुक्र (वीनस) अपनी चमक बिखेर रहा होगा तो उसके कुछ ऊपर ही मंगल (मार्स) लालिमा के साथ नजर आएगा । इसके पास ही मिथुन तारामंडल के जुड़वा तारे पोलुक्‍स एवं कैस्‍टर भी इस मिलन समारोह का हिस्‍सा बनेंगे । इसके साथ ही बिहाइव स्‍टार क्‍लस्‍टर भी इनके आसपास दिखेगा ।

सारिका ने विद्या विज्ञान कार्यक्रम में बताया कि मिलन करते इन खगोलीय पिंडों के बीच आपस की दूरी करोड़ों किलोमीटर होगी लेकिन इनका पृथ्‍वी से बनने वाला कोण इस प्रकार होगा कि वे मिलते से नजर आएंगे । जुड़वा तारे कहे जाने वाले तारों में से पोलुक्‍स 33 प्रकाश वर्ष दूर है जो सूर्य से दोगुना विशाल है । जबकि कैस्‍टर 51 प्रकाशवर्ष दूर नीला तारा है जो हमारे सूर्य से 2.7 गुना अधिक भारी है । रोमन पौराणिक कथाओं के अनुसार पोलक्‍स और केस्‍टर जुड़वा भाइयों का प्रतिनिधित्‍व करते हैं ।

ये भी पढ़ेंः Pushy Nakshatra: इसलिए इस नक्षत्र में नहीं होते विवाह, रोचक है पुष्य नक्षत्र की कथा

24 मई को भी दिखेगा ऐसा दृश्य
सारिका ने बताया कि इस खगोलीय घटना में चंद्रमा 1000 तारों के समूह, जिसे कि बिहाइव स्‍टार क्‍लस्‍टर कहते हैं के भी पास दिखेगा । बुधवार (24 मई) शाम के आकाश में भी इस दृश्‍य को देखा जा सकेगा, लेकिन तब चंद्रमा आगे बढ़कर मंगल के करीब पहुंच चुका होगा । इस तरह ग्रहों, तारों और उपग्रहों का मिलन समारोह का मनमोहक दृश्‍य दिखने जा रहा है । दोनों ही दिन इसे रात्रि 10 बजे के पहले देखा जा सकेगा ।