
ज्योतिष शास्त्र में मंगल को देवों का सेनापति यानि देवसेनापति माना गया है। एक ओर जहां ये शरीर में रक्त का कारक है तो वहीं कुंडली में इसे पराक्रम का कारक माना जाता है। मंगल के बलवान होने के जहां कुछ लाभ होते हैं तो वहीं इसके नीच या कमजोर होने के साथ ही मंगल दोष कई प्रकार के कूप्रभाव भी प्रदान करता है। मंगल दोष के संबंध में हमने सबसे अधिक कोई बात सुनी होती है तो वह है कि फलां युवती मंगली है या फलां युवक मंगली है, ऐसे में यह मंगल विवाह में देरी का कारण बनता है। लेकिन क्या आपको पता है कि मंगल इसके अलावा भी कई तरह की परेशानियां उत्पन्न करता है। ऐसे में आज हम मंगल की दशा व दिशा सहित मंगल देव को प्रसन्न करने के उपायों के बारे में जानेंगे।
दरअसल मंगल ग्रह के संबंध में मान्यता है कि जिस जातक की कुंडली में मंगल कमजोर होने की दशा में उसे जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में यानि जब कुंडली में मंगल कमजोर होता है तो ऐसे जातक में अधिकतर काफी ईष्र्या होने के साथ ही अहंकारी भी भरा रहता है। इसके अलावा कुंडली में कमजोर मंगल स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को भी जन्म देता है। ऐसा मंगल पाचन क्षमता कमजोर बनाने के साथ ही जातक को भावनात्मक रूप से भी कमजोर बनाता है।
ज्योतिष के जानकारों के अनुसार ऐसे में मंगल दोष के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए कुछ खास उपाय विशेष लाभ देते हैं। माना जाता है कि इन उपायों के उपयोग सेे मंगल दोष का बुरा प्रभाव कम हो जाता है।
मंगल देव को प्रसन्न करने के उपाय
- मंगल दोष से पीडित जातकों को मंगलवार का व्रत रखने के साथ ही इस दिन नमक का सेवन नहीं करना चाहिए।
- मंगल दोष से प्रभावित जातकों को हर रोज सुबह व शाम के समय हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।
- मंगल दोष को शांत करने के लिए मंगल के मंत्र का जाप मध्य दोपहर में करना चाहिए, माना जाता है कि ऐसा करने से अशुभ प्रभाव कम होता है।
मंगल के मंत्र-
- ऊॅं क्रां क्रीं क्रौं सरू भौमाय नम:।
- धरणी गर्भ संभूतं विद्युत् कांति समप्रभम।
कुमारं शक्ति हस्तं तं मंगल प्रणमाम्यहम।।
मंगलवार के विशेष उपाय
जानकारों के अनुसार कुंडली में मंगल दोष वाले जातकों को कई परेशानियां का सामना करना पड़ता है। मंगल दोष के चलते जातक न चाहते हुए भी कई बार कर्ज के बोझ तले दबता जाता है और अनेक कोशिशों के बादवजूद उसे इससे छुटकारा नहीं मिल पाता।
ऐसी स्थितियां सामने आने पर जातक को मंगलवार के दिन हनुमान जी का विधि-विधान के साथ पूजन करने के साथ ही पूजा के पश्चात ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ भी करना चाहिए। माना जाता है कि ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ करने से जातक को कर्ज से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा उसके जीवन में धन-धान्य की कमी नहीं रह जाती।
माना जाता है कि मंगल की दशा कमजोर होने पर कष्टों से बचने के लिए जातक को हनुमान जी की उपासना करनी चाहिए। इसके अलावा मंगल दोष को शांत करने के लिए मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाने के बाद मंदिर में ही बैठकर हनुमान चालीसा का सात बार पाठ करना चाहिए। माना जाता है कि इन उपायों को अपनाने से हनुमान जी प्रसन्न होकर ऐसे व्यक्ति के जीवन सेे कष्टों को दूर कर देते हैं। ध्यान रहे यहां उनके समक्ष चमेली के तेल का दीपक भी अवश्य जलाना चाहिए।
इसके अलावा ये भी जान लें कि यदि आप मंगलवार का उपवास रखते हैं तो इसकी शुरुआत हमेशा शुक्ल पक्ष से ही करनी चाहिए। वहीं व्रत प्रारंभ करने से पूर्व हाथ में गंगाजल लेकर 21 या निश्चित शुभ संख्या श्रद्धानुसार मंगलवार के व्रत का संकल्प लें। माना जाता है कि मंगलवार का व्रत करने से जातक की कुंडली से मंगल दोष का असर कम होने के साथ ही उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
Published on:
14 Aug 2023 06:14 pm
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