
Gayatri Mantra Upay: गायत्री मंत्र के उपाय (Photo Credit: Freepik)
Gayatri Mantra Ka Jaap Benefits: देवी गायत्री को सनातन संस्कृति के धर्म शास्त्रों में बहुत महत्व दिया गया है। देवी गायत्री को चारों वेदों, शास्त्र, श्रुतियों और सनातन संस्कृति की जन्मदात्री माना जाता है। इन्हें त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश की आराध्य देवी भी माना जाता है।
शास्त्रोक्त मान्यता है कि गायत्री मंत्र वेदों का सार है और इसे समझने मात्र से चारों वेदों के ज्ञान की प्राप्ति हो जाती है। इसीलिए इन्हें वेदमाता कहा जाता है। साथ ही देवी गायत्री की आराधना से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है और मोक्ष की प्राप्ति है।
ज्योतिषाचार्य नीतिका शर्मा के अनुसार चारों वेदों का ज्ञान प्राप्त करने के बाद जो पुण्य फल मानव को मिलता है, वह अकेले गायत्री मंत्र को समझने मात्र से मिल जाता है।
ज्योतिषाचार्य नीतिका शर्मा ने बताया कि शास्त्रों में एक कथा है कि एक बार ब्रहामाजी यज्ञ में शामिल होने के लिए जा रहे थे। यज्ञ जैसे धार्मिक कार्यों में सपत्नी शामिल होने पर उसका पूरा फल मिलता है, लेकिन उस समय उनकी पत्नी सावित्री उनके साथ में नहीं थी, इसलिए यज्ञ में पत्नी के साथ शामिल होने के लिए उन्होंने देवी गायत्री से विवाह कर लिया।
मान्यता है कि सृष्टि के प्रारंभ में ब्रह्मा जी पर गायत्री मंत्र प्रकट हुआ था। इसके बाद ब्रह्मा जी ने गायत्री मंत्र की व्याख्या देवी गायत्री की कृपा से अपने चारों मुखों से चार वेदों के रूप में की। प्रारंभ में गायत्री मंत्र सिर्फ देवताओं के लिए ही था। बाद में महर्षि विश्वामित्र ने अपने कठोर तप से गायत्री मंत्र को आमजनों तक पहुंचाया।
ओम भूर्भव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं ।
भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।।
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गायत्री मंत्र की महिमा अपरंपार है। इस मंत्र के जपने मात्र से कई तरह के पापों और कष्टों का नाश हो जाता है। गायत्री मंत्र के जाप से पुण्य फल में वृद्धि होती है और कार्यों में सफलता मिलती है। इसलिए शास्त्रों में गायत्री मंत्र के जाप का विधान बताया गया है। विशेष अवसरों पर इसको जपने से सिद्धियों की प्राप्ति होती है।
कारोबार, रोजगार, संतान की प्राप्ति से लेकर कष्टों से मुक्ति तक में गायत्री मंत्र का जाप फायदेमंद है। विद्यार्थियों को इस मंत्र का जाप करने से विद्या अध्ययन में बड़ी सफलता मिलती है। इससे पढ़ाई में मन लगता है, याददाश्त तेज होती है, जिससे परीक्षा में सफलता मिलती है। विद्यार्थी जीवन में सफलता के लिए गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए।
मान्यता है कि कारोबार में सफलता के लिए भी गायत्री मंत्र काफी कारगर है। व्यापारियों के इस मंत्र का जाप करने से खर्चों पर नियंत्रण रहता है और आमदनी में इजाफा होता है। इसके लिए शुक्रवार के दिन हाथी पर विराजमान गायत्री मंत्र का ध्यान कर 'श्रीं' का संपुट लगाकर जाप करने से धनलाभ होता है।
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संतान प्राप्ति के निए दंपती को श्वेत वस्त्र धारण कर 'यौं' संपुट के साथ गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। इस उपाय से संतान की प्राप्ति के साथ यदि संतान है और रोगी है तो रोगमुक्त होती है।
शत्रु बाधा से छुटकारे के लिए अमावस्या रविवार या मंगलवार को लाल वस्त्र धारण करते हुए देवी दुर्गा का ध्यान करते हुए ' क्लीं' मंत्र का संपुट तीन बार लगाते हुए गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें।
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विवाह में सफलता के लिए विवाह योग्य युवक युवतियों को पीले वस्त्र धारण कर माता पार्वती का ध्यान कर 'ह्रिं' का संपुट लगाकर गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। इससे विवाह की बाधाओं का निवारण होता है।
Updated on:
13 Jun 2025, 1:58 PM IST
Published on:
13 Jun 2025, 1:58 PM IST
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